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देश भर में चर्चित अतीक अहमद और अशरफ शूटआउट कांड की व्यापक जांच पड़ताल शुरु हो गयी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिलीप बाबा साहेब भोसले की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय न्यायिक आयोग ने धूमनगंज थाने और काल्विन हॉस्पिटल पहुंच एक-एक घटनाक्रम को बारीकी से समझा। पूरी खबर डाइनामाइट न्यूज़ पर
प्रयागराज: 15 अप्रैल की रात में टीवी कैमरों के सामने हुई अतीक अहमद और अशरफ की हत्या में पुलिस की क्या भूमिका रही, क्या इसमें कोई पुलिसिया लापरवाही थी, क्यों अतीक और अशरफ को एंबुलेंस या पुलिस जीप में गेट के भीतर तक क्यों नहीं ले जाया गया, क्यों पुलिस दोनों भाईयों को पैदल अस्पताल के अंदर ले जा रही थी, क्यों दोनों कैदियों को मीडिया वालों से बात करने की छूट दी गयी?
इन तमाम सवालों की जांच करने शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिलीप बाबा साहेब भोसले की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय न्यायिक आयोग प्रयागराज पहुंचा।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक जांच आयोग धूमनगंज थाने और काल्विन हॉस्पिटल पहुंचकर एक-एक घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की। जांच के दौरान आयोग के तेवर सख्त दिखे।
आयोग के अध्यक्ष जस्टिस दिलीप बाबा साहेब भोसले के नेतृत्व वाली टीम ने पुलिस अधिकारियों से तमाम सवाल पूछे। फायरिंग होने पर पुलिस की प्रतिक्रिया कैसी थी, पुलिसकर्मियों की कस्टडी में हत्याकांड को कैसे अंजाम दिया गया?
जांच के दौरान फारेंसिक टीम भी मौजूद रही, साथ ही एक-एक घटनाक्रम की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और मैपिंग भी करायी गयी। शाम 5.45 बजे से लेकर 6.16 बजे तक काल्विन हॉस्पिटल में टीम ने व्यापक छानबीन की।
आयोग की जांच टीम में झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश वीरेन्द्र सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
Published : 6 May 2023, 12:01 PM IST
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