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महराजगंज: जिले के एक मैरिज लॉन में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का आयोजन कर वीर शहीदों को नमन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने फीता काटकर किया।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक दीप प्रज्जवलित करने के बाद जिलाधिकारी अनुनय झा ने विस्तार से वीर शहीदों की गाथाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 9 अगस्त 1925 को शाहजहांपुर से लखनऊ जा रही नंबर 8 डाउन ट्रेन को शहीद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में लूटा गया था ताकि ब्रिटिश सरकार के खजाने में सेंध लगाई जा सके। इसमें शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल (Ramprasad Bismil), अशफाकउल्ला खां, रोशन सिंह (Roshan Singh) को 19 दिसंबर 1927 में फांसी की सजा सुनाई गई थी।
सचिंद्र बक्शी को दी गई काला पानी की सजा
इनके अन्य साथी सचिंद्रनाथ सान्याल व सचिंद्र बक्शी को काला पानी की सजा दी गई। बाकी बचे क्रांतिकारियों को 4 से 14 वर्ष की कैद हुई। राजेंद्रनाथ लाहिड़ी ने ट्रेन रोकने में मदद की थी इसलिए 17 दिसंबर 1972 को उन्हें गोंडा में फांसी दी गई। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना (Somendra Meena) ने कहा कि वीर शहीदों की गाथाएं हमें देश सेवा के लिए प्रेरित करती हैं। इस अवसर पर शहीदों के परिजन भी कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल रहे।
Published : 9 August 2024, 1:51 PM IST
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