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चित्रकूट: कर्वी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली नाबालिग लड़की ने गैंगरेप से क्षुब्ध होकर अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना के बाद से गांव में भारी तनाव है और वहां सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किये गये हैं। यहां भी कई नेताओं के पहुंचने की खबरों के बाद पूरे गांव को छावनी में तब्दील किया गया है।
हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर लड़की के साथ रेप की घटना से इंकार किया है। लड़की का सैंपल पुलिस द्वारा अब फारेंसिक जांच के लिये भेजा जा रहा है। लड़की के पिता की तहरीर के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर लड़की से रेप की घटना में एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाया है।
गैंगरेप के बाद 15 साल की दलित लड़की द्वारा मंगलवार को फांसी लगाकर आत्महत्या करने को लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की, जिसके चलते लड़की परेशान थी और उसने अपनी जान दे दी।
परिवार के आरोपों के बाद यह मामला भी तूल पकड़ने लगा है। नेताओं का गांव जाना शुरू हो गया है। आज पीड़िता का अंतिम संस्कार है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने पीड़िता के गांव को छावनी में बदल दिया है।
चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकित मित्तल का कहना है कि मंगलवार की सुबह मानिकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 साल की एक दलित लड़की ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। एसपी ने बताया कि लड़की की मौत के बाद उसके पिता ने अपनी तहरीर दी। जिसमें उन्होंने अपनी बेटी के साथ आठ अक्टूबर को सामूहिक बलात्कार किये जाने का आरोप लगाया है।
हालांकि एसपी अंकित मित्तल ने यह भी कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में लड़की के साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई है, अब सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे।
एसपी अंकित मित्तल ने कहा कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। घटना में तीनों आरोपियों किशन उपाध्याय, आशीष और सतीश को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी किशन उपाध्याय गांव के प्रधान का बेटा है। पुलिस ने बताया कि ये गिरफ्तारी पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत की गई है।
Published : 14 October 2020, 11:38 AM IST
Topics : आत्महत्या उत्तर प्रदेश गैंगरेप चित्रकूट जांच नाबालिग लड़की पुलिस मौत
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