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नई दिल्ली: तीन दिवसीय छठ पूजा का आज बहुत महत्वपूर्व दिन है। बिहार में अस्ताचलगामी सूर्य की पूजा शुरु हो गई है। कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन व्रती महिलाएं शाम को घाट पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने लगी है। रिपोर्ट में पढ़ें सूर्य अर्घ्य का शुभ मुहूर्त और विधि के बारे।
अस्ताचलगामी सूर्य अर्घ्य का मुहूर्त
अस्ताचलगामी सूर्य अर्घ्य का शुभ मुहूर्त शाम 5:34 बजे है। इसके बाद अगले दिन
सुबह उगते सूर्य के अर्घ्य का मुहूर्त
सूर्योदय के अर्घ्य का शुभ मुहूर्त 6:27 बजे है।
पूजा की विधि
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाएं शाम को घाट अपने परिवार और पूजा समाग्री के साथ जाती है। जहां वो बांस से बनी टोकरी जिसे लोक भाषा में सूप कहा जाता है उसमें फल, ठेकुआ, गन्ना, नारियल, फूल, चावल के लड्डू, मूली, कंदमूल आदि लेकर घाट के पानी के अंदर जा कर अस्ताचलगामी सूर्य की पूजा करती हैं। इस दौरान पूरा परिवार एक साथ घाट पर मौजूद होता है।
छठ का व्रत रखने वाली महिलाएं खरना के प्रसाद के बाद कुछ नहीं खाती हैं। इसके बाद उन्हें 36 घंटे यह निर्जला व्रत रखना पड़ता है।
Published : 30 October 2022, 4:43 PM IST
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