न्याय की मिसाल बनी प्रियंका चौहान, नियमों की अनदेखी करने पर उठाया बड़ा कदम

यूपी के बाराबंकी में प्रियंका चौहान न्याय की मिसाल बनकर चर्चा में आ गई है। उन्होंने बड़ा कदम उठाया है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 5 April 2025, 1:47 PM IST
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बाराबंकी: कहते हैं भगवान के घर देर होती है, पर बेइज्जती नहीं- यह कहावत बाराबंकी जिले की ग्राम पंचायत कोठी की नवनियुक्त पंचायत सहायक प्रियंका चौहान पर बिल्कुल सटीक बैठती है। नियमों की अनदेखी कर अपने पद का दुरुपयोग करने वाली ग्राम विकास अधिकारी सुषमा अवस्थी को सबक सिखाने के लिए प्रियंका ने साहसिक कदम उठाकर मिसाल कायम की है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, मामला बाराबंकी जिले के कोठी थाना क्षेत्र का है, जहां कोठी पुलिस ने ग्राम पंचायत मीरापुर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी सुषमा अवस्थी के खिलाफ केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि सुषमा अवस्थी ने इससे पहले पंचायत सहायक भर्ती में नियमों की अनदेखी कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति करवा ली थी। इस अनियमितता को उजागर करते हुए श्रवण चौहान (पत्रकार एवं समाजसेवी) की पत्नी प्रियंका चौहान ने पुख्ता सबूतों के साथ कोठी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

क्या है पूरा मामला?

पंचायत सहायक के पद पर प्रियंका चौहान का चयन होना था, लेकिन ग्राम विकास अधिकारी सुषमा अवस्थी ने नियमों की अनदेखी कर किसी अन्य अभ्यर्थी का चयन कर लिया। इस अन्याय के खिलाफ प्रियंका और उनके पति श्रवण चौहान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी गई और दोबारा हुए चयन में प्रियंका को पंचायत सहायक के पद पर नियुक्ति दे दी गई।

लेकिन इससे पहले हुई अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग को लेकर प्रियंका ने कोर्ट में याचिका दायर की। साक्ष्यों के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा सिंह ने सुषमा अवस्थी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए, जिस पर कोठी थाने ने आईपीसी की सात धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

Published :  5 April 2025, 1:47 PM IST

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