फतेहपुर और बांदा जनपद के राहगीरों पर आई बड़ी मुसीबत, जानें क्या है पूरा मामला
जनपद फतेहपुर और बाँदा जनपद के राहगीरों के ऊपर बड़ी मुसीबत आ गई है। जिससे लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

फतेहपुर: फतेहपुर और बांदा जिले को जोड़ने वाले पक्के पुल से होकर तुर्की नाला का निर्माण कार्य लोगों की उम्मीदों पर पानी फेरता नजर आ रहा है। सालों से चर्चा में रहा यह पुल अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, दादों को कस्बे से जोड़ने के लिए इस पक्के पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। करीब चार साल बाद पुल बनकर तैयार हुआ, लेकिन निर्माण में भारी अनियमितताएं पाई गईं। पुल के मार्ग में पड़ने वाले तुर्की नाले पर भी एक छोटा पुल बनाया गया था, जो पहली बारिश में ही ढह गया।
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पुल ढहने के बाद विभागीय अधिकारियों ने दोबारा मरम्मत का काम शुरू कराया, लेकिन आठ महीने बाद भी यह काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। निर्माण कार्य में इतनी लापरवाही है कि इसे सागर में बूंद कहना गलत नहीं होगा। पुल ढहने के बाद काफी देर तक आवागमन बाधित रहा। हाल ही में बजरी व्यापारियों ने तुर्की नाले के पास वैकल्पिक मार्ग बनाया था, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन यह कच्चा मार्ग धूल और परेशानी का सबब बन गया है। अब बरसात का मौसम नजदीक है और लोगों को डर है कि बारिश शुरू होते ही यह वैकल्पिक मार्ग भी बंद हो जाएगा। ऐसे में राहगीरों को फिर से काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों का यह कहना
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल बनने से पहले सभी खुश थे, लेकिन विभागीय लापरवाही ने सब कुछ बिगाड़ दिया। पहली बारिश में पुल टूटने से लोगों का भरोसा खत्म हो गया है और अब किसी को उम्मीद नहीं है कि यह पुल कभी चालू हालत में मिलेगा। वहीं इस पूरे मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई अजय पाल का कहना है कि पुल पर काम चल रहा है। होली के कारण मजदूर घर गए हुए थे, इसलिए काम रोक दिया गया था। बारिश से पहले पिलर का काम पूरा कर लिया जाएगा।