Balia Murder and Firing: बलिया हत्याकांड का मुख्य आरोपी अब तक कैसे है फरार? पुलिस ने रखा इनाम

डीएन ब्यूरो

यूपी के बलिया में सरकारी अफसरों के सामने हुई हत्या और फायरिंग का मुख्य आरोपी के अब भी फरार होने से कई तरह के सवाल उठ रहे है। पढिये, इस केस को लेकर डाइनामाइट न्यूज की स्पेशल रिपोर्ट

मुख्य आरोपी की फरारी को लेकर पुलिस भी कटघरे में (फाइल फोटो)
मुख्य आरोपी की फरारी को लेकर पुलिस भी कटघरे में (फाइल फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में सरकारी अफसरों के सामने हुई हत्या और फायरिंग के सनसनीखेज मामले का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्ल्यू अब भी फरार चल रहा है। रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में एसडीएम समेत पुलिस कर्मियों के सामने हुई हत्या और फायरिंग की घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठाये जा रहे हैं। हालांकि सीएम योगी ने मौके पर मौजूद सभी अफसरों को भले ही सस्पेंड कर दिया हो लेकिन इस घटना ने जो सवाल खड़े किये हैं, उसे लेकर हर कोई आश्चर्य में है।

इस मामले में सवालों के घेरे में आयी पुलिस ने अब भले ही मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्ल्यू समेत 6 वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया हो लेकिन कई लोगों का अब भी यदि पुलिस इतनी तत्परता घटना के समय दिखाती तो उसकी इतनी फजीहत नहीं होती। पुलिस पर आरोप है कि उसने मुख्य आरोपी के भागने में मदद की। आरोप है कि पुलिस के अलावा स्थानीय नेता की सरपरस्ती के कारण मुख्य आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर है।

पुलिस और घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों के दावे के विपरीत इस  सनसनीखेज हत्याकांड औऱ फायरिंग के बाद मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने खुद वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने दावा किया था कि उसने कोई गोली नहीं चलाई। साथ ही धीरेंद्र सिंह ने मांग की थी कि इस पूरे मामले की उचित जांच होनी चाहिए। 

इस मामले में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह के बयान से भी सरकार की काफी किरकिरी हुई है। बीजेपी विधायक ने कहा था कि धीरेंद्र प्रताप सिंह ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी। इसके बाद से विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर है। 

आरोपी की घटना के बाद जिस तरह से फरारी हुई और जिस बेबाकी के साथ उसने वीडियो जारी कर खुद के निर्दोश होने का दावा किया, उससे साफ है कि पुलिस विभाग समेत यूपी सिस्टम में अब भी कोई ऐसा है, जो पीछे से आरोपी की मदद कर रहा है। कयास लगाये जा रहे हैं कि इसी अदृश्य मदद के कारण आरोपी अब भी खुला घूम रहा है। जबकि घटना के बाद से पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबिशें दी जा रही है। 

घटना के बाद से मुख्य आरोपी धीरेन्द्र की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस द्वारा दी जा रही अब तक की दबिशें कुछ खास काम नहीं आ सकी है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि पुलिस के लगातार प्रयासों के बाद भी मुख्य आरोपी की आखिर कौन मदद कर रहा है?   

इस सनसनीखेज हत्याकांड और फायरिंग की घटना के बाद एडीजी के निर्देशों पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तीन सब इंस्पेक्टर, पांच कॉन्स्टेबल और दो महिला कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया है। कुल दस पुलिसवालों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है लेकिन इसके बावजूद भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न हो पाना कई तरह के सवाल उठा रहे हैं।  
 








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