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गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए बृहस्पतिवार को विधानसभा में आरोप लगाया कि 'केरल के सांसद' धार्मिक रूप से संवेदनशील स्थानों में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' का नेतृत्व करते हुए यहां आए थे।
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मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अपने एक घंटा 56 मिनट के भाषण के दौरान कई बार यात्रा पर निशाना साधा। हालांकि, उन्होंने अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी का नाम नहीं लिया।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार शर्मा ने दावा किया, 'हम नेल्ली नरसंहार को भूलना चाहते हैं। चाहे वहां किसी की भी मौत हुई हो, हम असम में रक्तपात नहीं चाहते। जब पूरा असम राम मंदिर अभिषेक के लिए जय श्री राम का उद्घोष कर रहा था, तब एक राजनीतिक दल धार्मिक रूप से संवेदनशील नागांव व मोरीगांव में राजनीति करना चाहता था।'
राज्य में अवैध घुसपैठ के खिलाफ 1979 से 1985 तक चले असम आंदोलन के दौरान 1983 में हुए नेल्ली नरसंहार में एक ही रात 2100 से अधिक लोगों की हत्या कर दी गई थी। यह जगह मोरीगांव में है।
राहुल गांधी को 22 जनवरी को नागांव के बरदौवा में श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान का दौरा करने से रोक दिया गया था, जिसके बाद वह सड़क पर बैठ गए थे।
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मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा, ‘‘वह एक राष्ट्रीय नेता और केरल के सांसद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें सभी राज्यों और धर्मों की संवेदनशीलता को समझना चाहिए।’’
Published : 9 February 2024, 11:46 AM IST
Topics : Allegation assam Himanta Vishwa Sharma Rahul Gandhi असम आरोप गुवाहाटी राहुल गांधी सांप्रदायिक तनाव हिमंत विश्व शर्मा