सैकड़ों की संख्या शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, जानिए क्या थी वजह

डीएन ब्यूरो

तदर्थ शिक्षकों को हटाकर गेस्ट टीचर नियुक्त किये जाने के विरोध में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शिक्षकों ने एक अभूतपूर्व हड़ताल कर रात भर कुलपति कार्यालय को घेरे रखा और कल दिन से शुरू हुआ उनका धरना प्रदर्शन आज भी जारी है।

फाइल फोटो
फाइल फोटो

नई दिल्ली: तदर्थ शिक्षकों को हटाकर गेस्ट टीचर नियुक्त किये जाने के विरोध में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शिक्षकों ने एक अभूतपूर्व हड़ताल कर रात भर कुलपति कार्यालय को घेरे रखा और कल दिन से शुरू हुआ उनका धरना प्रदर्शन आज भी जारी है। सूत्रों के अनुसार डीयू के कुलपति योगेश त्यागी से शिक्षकों की वार्ता का अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है और शिक्षक कुलपति कार्यालय के भीतर अभी भी डेरा जमाए बैठे हैं। डीयू के इतिहास में यह पहली घटना है जब इतनी बड़ी संख्या में आंदोलनकारी शिक्षकों ने रात भर कुलपति कार्यालय के भीतर डेरा जमाए हो।

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तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने तथा 28 अगस्त के पत्र को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के हज़ारों शिक्षकों की बुधवार को जबरदस्त हड़ताल से डीयू पूरी तरह ठप हो गया और शिक्षकों ने परीक्षाओं का बहिष्कार किया। हज़ारों की संख्या में तदर्थ एवं स्थायी शिक्षकों ने कल सुबह 11 बजे से ही कुलपति कार्यालय को चारों ओर से घेर लिया था और ये शिक्षक आधी रात के बाद भी डटे रहे। सुबह 6 बजे तक उनका धरना जारी रहा। और ये आज भी हड़ताल पर रहेंगे। 

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शिक्षकों का आंदोलन इतना जबरदस्त था कि पुलिस उन्हें रोक नहीं पाई और हज़ारों शिक्षक कुलपति कार्यालय के अंदर घुस गए और जमकर नारेबाजी की। इन शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के भीतर उस सभागार को अपने कब्जे में ले लिए जहां कार्यकारी परिषद की बैठकें होती हैं। पुलिस मूक बनकर तमाशा देखती रही। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजीव रे ने कल देर रात जारी एक बयान में कहा कि करीब आठ हज़ार शिक्षकों ने दिन भर कुलपति कार्यालय को घेरे रहा। दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास में ऐसा आंदोलन नहीं हुआ था। जब तक 28 अगस्त का पत्र वापस नहीं होगा हम शिक्षक नहीं हटेंगे। ये शिक्षक सुबह 11 बजे कुलपति कार्यालय के बाहर जमा हुए और धीरे-धीरे इतनी संख्या में शिक्षक जमा हो गए कि पुलिस उन्हें रोक नहीं पाई और कड़ी सुरक्षा के बाद शिक्षक अंदर आ गए। विश्वविद्यालय के सभी धड़ों के नेताओं आदित्य नारायण मिश्र, ए के भागी, राजेश झा ,सुधांशु कुमार ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने की मांग की है। (वार्ता)

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