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अमेठी: शासन की ओर से पुलिस प्रशासन को क्षेत्र में सख्ती बरतती हुए अपराधियों पर लगाम लगाने के दिशा निर्देश है। जबकि अमेठी पुलिस की सुस्ती के कारण कार्यशैली पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
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बीते सप्ताह मंगलवार को कमरौली के कठौरा में निर्माणाधीन राजकीय महिला डिग्री कालेज के सुपरवाइजर को बंधक बनाकर लाखों की सरिया लूट ली गई थी। वहीं जुलाई माह में कोतवाली क्षेत्र के कादूनाला स्थित एनएचआई निर्माण के कैम्प कार्यालय से हुई लाखों की सरिया लूट की घटना हुई थी। दोनों मामलों नामजद रिपोर्ट के बाद भी पुलिस महीने भर बाद भी पुलिस खाली हाथ है। जिसको लेकर पुलिस लोगों के बीच अपना विश्वास खोती जा रही है।

सरिया लूट का सिलसिला 16 जुलाई को कादूनाला स्थित एनएचआई निर्माण कैम्प कार्यालय से शुरू हुआ था। जिसमें आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने डीवीएल कर्मियों को बंधक बनाकर लाखों की सरिया लूट लिया गया था। पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि एक माह बीत जाने के बाद तक गिरफ्तारी तो दूर सरिया को बरामद भी नहीं किया जा सका है। वहीं पुलिस अभी मामले की जांच चलने की बात कह रही है।
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वहीं दूसरी घटना में जाफरगंज कृषि उत्पादन मंडी से 25 टन महुआ ट्रक से कहीं भेजा जा रहा था। इस दौरान ट्रक वहां नहीं पहुंचा जहां भेजा गया था। इस पर ट्रांसपोर्टर दिलशाद निवासी सुल्तानपुर ने ट्रक की खोजबीन की तो लूट का पता चला। इस मामले में भी कोतवाली में चार लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दो लोगों की गिरफ्तारी की गई। हालांकि बाकी अभी भी पुलिस के शिकंजे से दूर हैं। सरिया का भी अभी तक पता नहीं लग पाया है।
Published : 20 August 2019, 1:06 PM IST
Topics : amethi loot police truck uttarpradesh अमेठी उत्तर प्रदेश पुलिस लूटपाट सरिया