हिंदी
सोनौली बॉर्डर(महराजगंज): नए फरमान के बाद नेपाल कस्टम ने भारतीय फल-सब्जियों की गाड़ियों को फिर आज से रोक दिया है।अब भारत से वही फल और सब्जियां नेपाल भेजी जा सकेंगी जिसे लैब टेस्ट में हरी झंडी मिलेगी। नेपाल सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद यह आदेश जारी किया। यह फैसला जनता में विरोध और फल और सब्जियों में केमिकल मिलने की शिकायत के मद्देनजर उठाया गया है। नेपाल सरकार के इस नये आदेश से फिर से भारतीय सब्जी और फल कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
यह भी पढ़ें: लखनऊ: अय्याश दरोगा से है जान का खतरा, पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार
नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. आनन्द मोहन ने ज्योति बनिया नामक के व्यक्ति की शिकायत पर कोर्ट में बहस के दौरान नेपाल सरकार के मंत्रिमंडल के फैसले को गलत ठहराया। साथ ही भारत से आने वाले फल और सब्जियों का परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के आदेश के बाद सरकार ने सभी भंसार कार्यालय को नजदीक की प्रयोगशाला में लैब टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान गुरुवार को भैरहवा भंसार कार्यालय पहुंची भारतीय फल-सब्जियों की गाड़ियों को रोककर पहले बुटवल की प्रयोगशाला में जांच के लिए सभी फलों और सब्जियों के नमुने भेजे गए थें।

कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि सरकार के निर्देश पर भारतीय फल-सब्जियों की जांच सरहद से 20 किमी दूर स्थित नई प्रयोगशाला "विषादी अवशेष दूत विश्लेषण इकाई बुटवल "में होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद जो फल और सब्जी खाने योग्य होगी, उन्हीं को पास किया जाएगा। इसके अलावा जिन सब्जियों में किसी भी तरह की कमी पाई गई तो उन्हें वापस लौटा दिया जाएगा। नेपाल सरकार के इस फैसले से भारतीय सब्जी कारोबारियों में हलचल मच गई है और सीमा से सटे लोगों में चर्चाओं का बाजार गरम है।
Published : 13 July 2019, 4:30 PM IST
Topics : Maharajganj nepal uttar pradesh उत्तर प्रदेश नेपाल महराजगंज सर्वोच्च न्यायालय सोनौली बॉर्डर