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नई दिल्ली: सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया का कर्ज बढ़कर 80 हजार करोड़ रुपये पर पहुँच गया है और उसे रोजाना 22 से 25 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यहाँ संवाददाताओं को बताया कि एयर इंडिया पर कर्ज का बोझ इस हद तक पहुँच चुका है जहाँ ऋण प्रबंधन असंभव है और एयरलाइन के निजीकरण के अलावा कोई उपाय नहीं है।
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उन्होंने कहा कि अगले कुछ सप्ताह में कंपनी के निजीकरण के लिए निविदा जारी की जायेगी। हालाँकि, निजीकरण नहीं होने की स्थिति में छह महीने में कंपनी के बंद होने की मीडिया में आयी खबरों को वह टाल गये। (वार्ता)
Published : 31 December 2019, 4:20 PM IST
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