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नयी दिल्ली: वैज्ञानिकों के विरोध का सामना कर रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रशासन ने सोमवार को अपने पहले के एक आदेश को स्थगित कर दिया जिसमें उसने अनुसंधान कर्मचारियों की भर्ती/चयन प्रक्रिया को रोक दिया था और कहा था कि इसके लिए दिशानिर्देशों की समीक्षा की जा रही है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, ‘सोसाइटी ऑफ यंग साइंटिस्ट्स’ (एसवाईएस) के बैनर तले एम्स में शोध परियोजनाओं में काम करने वाले या पीएचडी करने वाले सभी वैज्ञानिक प्रशासन के उस प्रस्ताव का विरोध कर रहे थे जिसमें प्रमुख चिकित्सा संस्थान में परियोजनाओं में नियुक्ति की अवधि सीमित करने की बात कही गई थी।
एम्स फैकल्टी एसोसिएशन, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, नर्सिंग यूनियन और एम्स के ऑफिसर्स एसोसिएशन सहित अन्य ने प्रदर्शनकारी वैज्ञानिकों को समर्थन दिया था।
एम्स प्रशासन द्वारा 10 जुलाई को एक कार्यालय ज्ञापन (ओएम) में अपने पहले के आदेश को रद्द करते हुए कहा गया कि परियोजना कर्मचारियों की भर्ती के लिए दिशानिर्देशों को संशोधित किया जा रहा है।
एम्स निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास की तरफ से जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया, “कई प्रमुख जांचकर्ताओं (पीआई) से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इसके परिणामस्वरूप कई परियोजनाओं में ठीक से काम नहीं हो पा रहा है। पीआई के अनुसार, इससे अनुसंधान परियोजनाओं के सुचारू कामकाज और अनुसंधान के नतीजों में बाधा उत्पन्न हुई है।”
इसमें कहा गया, “...अत: क्रियान्वयन हेतु संशोधित दिशा-निर्देश प्राप्त होने तक अनुसंधान अनुभाग द्वारा दिनांक 22 जून 2023 को जारी आदेश स्थगित रखा जाये।”
Published : 11 July 2023, 3:05 PM IST
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