FIFA World Cup 2026: अफ्रीका के बेस्ट रेफरी उमर अर्टन को अमेरिका ने क्यों खदेड़ा? फीफा ने भी हटाया नाम

फीफा विश्व कप 2026 में इतिहास रचने जा रहे सोमालिया के स्टार रेफरी उमर अब्दुल कादिर अर्टन को बड़ा झटका लगा है। वीजा होने के बावजूद मियामी एयरपोर्ट पर अमेरिकी प्रशासन ने उन्हें देश में प्रवेश देने से इनकार कर दिया। इसके बाद फीफा ने उन्हें वर्ल्ड कप रेफरी पैनल से हटा दिया है और वह स्वदेश लौट गए हैं।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 11 June 2026, 12:45 PM IST
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New Delhi : फीफा विश्व कप 2026 में इतिहास रचने का सपना लेकर आगे बढ़ रहे सोमालिया के रेफरी उमर अब्दुल कादिर अर्टन को बड़ा झटका लगा है। विश्व कप के लिए चुने गए 52 रेफरियों में शामिल अर्टन अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने के कारण टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन सके। कनाडा, अमेरिका और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में शुरू हो रहे इस प्रतिष्ठित आयोजन से बाहर होने के बाद वह अपने देश लौट आए हैं।

 विश्व मंच पर बनने वाले थे सोमालिया का चेहरा

अर्टन का सेलेक्शन केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं था, बल्कि यह पूरे सोमालिया के लिए गर्व का अवसर माना जा रहा था। यदि वह विश्व कप में रेफरी की जिम्मेदारी संभालते, तो ऐसा करने वाले देश के पहले अधिकारी बन जाते। फुटबॉल जगत में उनकी पहचान एक कुशल और निष्पक्ष रेफरी के रूप में रही है। पिछले साल उन्हें अफ्रीका के सर्वश्रेष्ठ रेफरी के सम्मान से भी नवाजा गया था, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और बढ़ गई थी।

मोगादिशू एयरपोर्ट पर उमड़ा जनसैलाब

बुधवार को राजधानी मोगादिशू पहुंचने पर अर्टन का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोग राष्ट्रीय झंडे लेकर पहुंचे और उनका उत्साहवर्धन किया। समर्थकों और सरकारी अधिकारियों ने उन्हें सम्मानित करते हुए बताया कि विश्व कप में भाग न ले पाने के बावजूद उन्होंने देश का नाम रोशन किया है।

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इस मौके पर अर्टन ने भावुक होकर जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह कठिन समय जरूर है, लेकिन वह भविष्य में फिर ऐसे अवसर हासिल करने के लिए मेहनत जारी रखेंगे। साथ ही उन्होंने देशवासियों से धैर्य और भरोसा बनाए रखने की अपील भी की।

जांच के बाद रोकी गई एंट्री

अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग के अनुसार मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जांच के दौरान कुछ ऐसे मुद्दे सामने आए, जिनके चलते अर्टन को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद फीफा ने उन्हें टूर्नामेंट के रेफरी पैनल से हटा दिया। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें अमेरिका यात्रा के लिए पहले ही वीजा जारी किया जा चुका था।

व्हाइट हाउस ने फैसले का किया समर्थन

इस पूरे मामले पर व्हाइट हाउस की फीफा विश्व कप टास्क फोर्स के प्रमुख एंड्रयू गिउलियानी ने प्रशासन के निर्णय का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह कदम पर्याप्त और ठोस कारणों के आधार पर उठाया गया है। हालांकि उन्होंने सुरक्षा कारणों का विस्तार से खुलासा नहीं किया। इस घटना ने विश्व कप से पहले खेल और सुरक्षा नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

Location :  New Delhi

Published :  11 June 2026, 12:45 PM IST

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