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भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद धर्मेंद्र प्रधान
New Delhi: संबलपुर के सांसद और पूर्व केंद्रिय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जेन-Z को गुमराह करने की कोशिशें की गईं, जिसकी वजह से उन्हें शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना पड़ा। उनके लिए पद कोई महत्तवपूर्ण नहीं रहा।
प्रधान ने कहा कि जेन Z हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। तब मेरा कोई निजी मसला नहीं था। भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। पिछले 10 सालों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए। उनकी अपनी उम्मीदें हैं और वे भारत को 'विश्व गुरु' बनाएंगे। मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।
प्रधान ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क किया और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की। उन्होंने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्रालय से इस्तीफा दिया था।
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प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक पर निशाना साधते हुए कहा कि वह BJD कार्यकर्ताओं के विरोध और 'वापस जाओ' के नारों से परेशान नहीं हैं।
एयरपोर्ट के पास BJD के युवा और छात्र विंग के कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए, जहां 'धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ' जैसे नारे लगाए गए थे, उन्होंने कहा कि मैं एक किसान का बेटा हूं।भले ही आप मुझे वापस जाने के लिए कहें, मैं वापस आऊंगा।
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि मैं राज्य के लिए सम्मान न ला रहा हूं लेकिन मैंने अपने काम से कभी लोगों को शर्मिंदा नहीं किया है। मैं कभी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे राज्य की प्रतिष्ठा धूमिल हो।
Location : New Delhi
Published : 9 August 2026, 4:34 AM IST
Topics : Dharmendra Pradhan Education Minister Resignation former education minister NEET Controversy NEET Paper Leak