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किलियन म्बाप्पे (सोर्स- एक्स)
New Delhi: फीफा विश्व कप 2026 के एक बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण राउंड ऑफ 16 मुकाबले में फ्रांस ने पैराग्वे को 1-0 से शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटा लिया है। अमेरिका के फिलाडेल्फिया स्थित लिंकन फाइनेंशियल फील्ड में खेले गए इस नॉकआउट मैच में फ्रांस की किस्मत का फैसला खेल के उत्तरार्ध में मिली एक पेनल्टी से हुआ। भीषण गर्मी और पैराग्वे की अभेद्य रक्षापंक्ति (डिफेंस) के सामने जूझ रही फ्रांसीसी टीम के लिए कप्तान किलियन म्बाप्पे एक बार फिर संकटमोचक बनकर उभरे। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही फ्रांस ने टूर्नामेंट के अंतिम आठ में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है, जहां अब उसका सामना मोरक्को से होगा।
इस नॉकआउट मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों को न केवल एक-दूसरे की रणनीतियों से निपटना था, बल्कि मौसम की मार भी झेलनी थी। मैच के दौरान फिलाडेल्फिया का तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस (102°F) तक पहुंच गया था। इस झुलसा देने वाली गर्मी ने खिलाड़ियों की फिटनेस, सहनशक्ति और मानसिक धैर्य की कड़ी परीक्षा ली। हालांकि, फ्रांस ने ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपना संयम नहीं खोया और पूरे मैच के दौरान गेंद पर अपना नियंत्रण (पजेशन) बनाए रखा।
पूरे मैच में फ्रांस का दबदबा रहने और उन्हें कई कॉर्नर मिलने के बावजूद पैराग्वे के डिफेंस को भेदना नामुमकिन सा लग रहा था। पैराग्वे के रक्षकों ने फ्रांस को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। लेकिन मैच के 70वें मिनट में मुकाबला पूरी तरह पलट गया। फ्रांस के युवा खिलाड़ी डेज़िरे डुए को पैराग्वे के बॉक्स के अंदर गिरा दिया गया, जिसके बाद रेफरी ने VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) की मदद ली। VAR चेक के बाद फ्रांस के पक्ष में पेनल्टी का फैसला सुनाया गया, जो इस मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
इस सुनहरे मौके पर फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर और कप्तान किलियन म्बाप्पे ने कोई गलती नहीं की। उन्होंने बेहद शांत दिमाग से पैराग्वे के गोलकीपर को छकाते हुए गेंद को जाल में डाल दिया और फ्रांस को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी।
इस गोल के साथ ही म्बाप्पे ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। यह विश्व कप इतिहास में उनका 19वां गोल था, जिसके साथ उन्होंने अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनल मेसी के सर्वकालिक विश्व कप गोलों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इसके अलावा, मौजूदा 2026 टूर्नामेंट में यह म्बाप्पे का सातवां गोल है, जो उन्हें गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे रखता है।
1-0 से पिछड़ने के बाद पैराग्वे ने मैच में वापसी करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। खेल के अंतिम मिनटों में पैराग्वे की टीम ने फ्रांसीसी खेमे पर कई खतरनाक हमले किए। लेकिन फ्रांस के गोलकीपर माइक मेन्यां ने गोलपोस्ट के आगे दीवार बनकर पैराग्वे के हर प्रयास को नाकाम कर दिया। उनके शानदार और सूझबूझ भरे बचाव की बदौलत फ्रांस अपनी 1-0 की बढ़त को अंत तक बरकरार रखने में सफल रहा।
इस मैच ने एक बार फिर साबित कर दिया कि फीफा विश्व कप जैसे बड़े मंच पर नॉकआउट मैचों के दौरान एक छोटी सी चूक भी पूरे टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। पैराग्वे के मजबूत खेल के बावजूद एक पेनाल्टी ने पूरे मैच का रुख बदल दिया।
इस शानदार जीत के साथ फ्रांस ने लगातार चौथी बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। अब सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए फ्रांस का मुकाबला मोरक्को से होगा, जिसने अपने राउंड ऑफ 16 के मैच में कनाडा को हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई है।
Location : New Delhi
Published : 5 July 2026, 9:28 AM IST