हिंदी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Img: Pinterest)
Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम यानी एसआईटी को अब दान में मिले गहनों से जुड़ी गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। जांच में आशंका जताई जा रही है कि श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए कीमती गहनों को गलाकर उनका मूल स्वरूप बदला गया और बाद में उनमें हेरफेर की गई। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
एसआईटी ने ट्रस्ट के गठन से अब तक के करीब पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों, लेनदेन और ऑडिट दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी है। टीम दो दिवसीय दूसरे चरण की जांच पूरी करने के बाद लखनऊ लौट गई है। जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े कई प्रमुख वित्तीय दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं।
शुरुआती जांच में ऑडिट और वित्तीय लेनदेन में कई खामियां सामने आई हैं। अधिकारियों को आशंका है कि दान की राशि में कथित हेरफेर गिनती के दौरान ही किया गया। इसी वजह से वास्तविक दान राशि और संभावित गबन का सही आकलन करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धालुओं ने लाखों-करोड़ों रुपये के कीमती गहने दान किए थे, लेकिन ऑडिट में कई जगह इसका स्पष्ट जिक्र नहीं मिला। एसआईटी इस पहलू को गंभीरता से जांच रही है। सूत्रों का दावा है कि गहनों को गलाया जाता था और आशंका है कि इसी प्रक्रिया के दौरान हेरफेर हुई।
एसआईटी ने ट्रस्ट से जुड़े तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट से भी पूछताछ की है। उनसे ऑडिट की प्रक्रिया और दस्तावेजों को लेकर सवाल किए गए। सूत्रों के अनुसार कई सवालों के जवाब संतोषजनक नहीं मिले। टीम दोबारा पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा चार से पांच अन्य लोगों को भी नोटिस देकर बुलाया गया है।
जांच के दौरान मंदिर से जुड़ी जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। आरोप है कि जमीन खरीद में भी कई तरह की गड़बड़ियां हुईं। एसआईटी ने इससे जुड़े दस्तावेज कब्जे में लिए हैं और कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
चढ़ावा चोरी के बाद एक्शन मोड में राम मंदिर ट्रस्ट, SBI करार पर कल अंतिम मुहर
पुलिस पहले ही आठ आरोपियों को जेल भेज चुकी है। अब विवेचना में आरोपियों से जुड़े आठ और लोगों की पहचान की गई है। इनमें कुछ बैंक कर्मी और गणनाकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस इनके खिलाफ सुबूत जुटा रही है। सबूत मजबूत होने पर इन्हें आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया जा सकता है।
Location : Ayodhya
Published : 5 July 2026, 8:53 AM IST