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राम मंदिर चढ़ावा चोरी का सच कौन खोलेगा? (Img: Pinterest)
Ayodhya: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दान पात्रों से चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच सोमवार को इस मामले में दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर सकती है। याचिका में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से जांच और कम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) से मंदिर के चढ़ावे का ऑडिट कराने की मांग की गई है।
यह जनहित याचिका स्थानीय वकील मोहित अशोक ने दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मंदिर के दान पात्रों में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए नकद, सोने-चांदी के गहने और अन्य कीमती सामानों का गबन किया गया है। इसमें तर्क दिया गया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच ज़रूरी है।
याचिका 12 जून को हाई कोर्ट में दायर की गई थी, लेकिन कोर्ट में गर्मी की छुट्टियों और समय की कमी के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले को 6 जुलाई की कॉज़ लिस्ट में शामिल किया गया है और सुनवाई जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की डिवीज़न बेंच के सामने होनी है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि भगवान श्री राम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं। मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की खबरों से भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं; इसलिए, जनहित में निष्पक्ष जांच और वित्तीय ऑडिट ज़रूरी है।
याचिका में राज्य सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि अगर राज्य स्तर पर जांच की जाती है, तो उसकी निगरानी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SP) रैंक के अधिकारी द्वारा की जाए। इसके अलावा, केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार के विजिलेंस डिपार्टमेंट, CBI डायरेक्टर, CAG और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी मामले में पक्षकार बनाया गया है। अब सबकी नज़रें हाई कोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हैं।
Location : Ayodhya
Published : 4 July 2026, 11:46 AM IST