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पूरी वारदात की जानकारी देते डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास (सोर्स- एक्स)
Agra: आज के दौर में इंसानी जिंदगी इतनी सस्ती हो चुकी है कि छोटी-छोटी बातों, आपसी अनबन और पैसों के विवाद में अपनों की ही जान लेना बेहद आसान काम हो गया है। आगरा के सिकंदरा इलाके से सामने आई एक रूह कंपा देने वाली वारदात ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक पत्नी, जिसने 16 साल पहले सात फेरे लेकर साथ जीने-मरने की कसम खाई थी, उसने न सिर्फ अपने पति को खौफनाक मौत दी, बल्कि उसकी लाश पर ही अपनी 'रोजमर्रा की जिंदगी' बसा ली। जिस बाथरूम के फर्श के नीचे पति की लाश सड़ रही थी, उसी बाथरूम में पत्नी रोज बेखौफ होकर नहाती रही।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात का खुलासा तब हुआ, जब आरोपी पत्नी रूबी ने खुद अपने जेठ अनिल को फोन कर घर बुलाया। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे जब अनिल घर पहुंचे, तो रूबी ने बेहद ठंडे लहजे में कहा कि उसके भाई घर पर ही हैं, जाकर बात कर लो। अनिल ने जब पूछा कि वे कहां हैं, तो रूबी ने बाथरूम की तरफ इशारा किया। बाथरूम में किसी को न पाकर जब जेठ ने दोबारा पूछा, तो रूबी ने जो कहा, उसने अनिल के होश उड़ा दिए। रूबी ने कहा- "वे बाथरूम में दो फीट नीचे दफन हैं।" इस खौफनाक सच को सुनते ही जेठ के पैरों तले जमीन खिसक गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में जो कहानी सामने आई है, वह किसी डार्क थ्रिलर फिल्म जैसी है। 18 मई को रूबी ने अपने पति सुरेंद्र को रास्ते से हटाने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था। सुरेंद्र को नींद की गोलियां खाने की आदत थी, इसी का फायदा उठाकर रूबी ने रात में बनी खीर में नींद की 16 से 20 गोलियां मिला दीं। खीर खाते ही सुरेंद्र मौत की नींद सो गया।
इसके बाद रूबी अकेले ही सुरेंद्र की लाश को घसीटकर बाथरूम में ले गई। चूंकि बाथरूम में इंडियन सीट लगी थी और फर्श कमरे के मुकाबले दो-तीन फीट नीचे था, रूबी ने गड्ढे को थोड़ा और खोदा और लाश को उसमें डाल दिया। भनक किसी को न लगे, इसलिए उसने बकायदा बाजार से मिट्टी और गिट्टी मंगवाई। शव को दफनाने के बाद एक मिस्त्री को बुलाकर उस पर पक्का फर्श बनवा दिया ताकि सबूत हमेशा के लिए दफन हो जाएं।
इस मर्डर मिस्ट्री का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि हत्या के बाद भी रूबी के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। वह कई दिनों तक उसी घर में रही और रोजाना उसी बाथरूम का इस्तेमाल करती रही, जिसके नीचे उसके पति का शव गल रहा था। जब भी आस-पड़ोस के लोग सुरेंद्र के लापता होने या न दिखने पर सवाल करते, तो रूबी बड़ी चालाकी से परेशान होने का नाटक करने लगती और लोगों के सामने रोने लगती थी। पड़ोसियों का कहना है कि रूबी ने जिस शातिर तरीके से पूरी तैयारी के साथ शव को ठिकाने लगाया, उससे किसी को कानों-कान भनक तक नहीं लगी।
आखिर एक हंसता-खेलता परिवार इस रक्तरंजित मोड़ पर कैसे पहुंचा? पड़ोसियों के मुताबिक, मूल रूप से भरतपुर के रहने वाले इस परिवार में विवाद की मुख्य वजह शराब थी। सुरेंद्र शराब का आदी था, जिसके चलते उसकी डिलीवरी बॉय की नौकरी भी छूट गई थी। रूबी घर में कपड़े सिलकर जैसे-तैसे गुजारा करती थी, लेकिन सुरेंद्र अक्सर मारपीट कर वे पैसे भी छीन लेता था।
मामला तब और बिगड़ा जब सुरेंद्र की मां कमला को मिलने वाली प्रवक्ता पति की 32,000 रुपये की पेंशन के पैसों को लेकर विवाद हुआ। रूबी सास का डेबिट कार्ड और पासबुक अपने पास रखती थी और जेठ अनिल को हर महीने 10,000 रुपये देती थी। जून में जब रूबी ने पैसे देने से मना किया और कहा कि पेंशन नहीं आई है, तो अनिल को शक हुआ। वे मां को लेकर भरतपुर बैंक गए, जहां पता चला कि पेंशन आ चुकी है। बृहस्पतिवार को जब अनिल ने रूबी से इस रकम का हिसाब मांगा, तो घर में भारी झगड़ा हुआ। इसी घेराबंदी से घबराकर रूबी ने अगले दिन सच उगल दिया।
आरोपी रूबी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है, लेकिन वह बेहद शातिर अपराधी की तरह बार-बार अपने बयान बदल रही है। पहले उसने खीर में नींद की गोलियां देने की बात कबूली, फिर मुकरते हुए कहा कि पति ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी और डर के मारे उसने शव दफना दिया।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा- "आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्राथमिक पूछताछ में उसने शराब और घरेलू कलह को वारदात की वजह बताया है। हालांकि, पुलिस को गहरा शक है कि इस पूरी खौफनाक वारदात में कोई और भी शामिल हो सकता है, क्योंकि एक अकेली महिला के लिए शव को घसीटना, दफनाना और फर्श पक्का करना इतना आसान नहीं है। हालांकि, हर एंगल पर गहनता से जांच की जा रही है।"
Location : Agra
Published : 4 July 2026, 11:19 AM IST