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पूर्व दिशा से जुड़े अहम रहस्य (Img- Internet)
New Delhi: क्या आप जानते हैं कि आपके घर की पूर्व दिशा आपकी तरक्की और सेहत पर सीधा असर डाल सकती है? वास्तु शास्त्र में इसे सबसे महत्वपूर्ण दिशा माना गया है, जहां से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। अगर इस दिशा का सही उपयोग किया जाए तो जीवन में सफलता मिलती है, लेकिन छोटी-सी गलती भी परेशानी का कारण बन सकती है।
पूर्व दिशा का स्वामी इन्द्र देवता को माना जाता है और इसे सूर्य का निवास स्थान भी कहा जाता है। आइए ऐसे में जानते हैं कि पूर्व दिशा में लगे दोष को कैसे खत्म करें और पूर्व दिशा में क्या काम करने से बचना चाहिए।
यदि पूर्व दिशा का स्थान उभारा हुआ या ऊंचा हो, तो मकान मालिक पर दरिद्रता आ सकती है। इसके अलावा, संतान अस्वस्थ और मंदबुद्धि हो सकती है। इसलिए हमेशा पूर्व दिशा में निर्माण या किसी कार्य से पहले सोच-समझकर योजना बनाएं।
पूर्व दिशा में कभी भी कूड़ा, करकट या गैराज नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से परिवार की संतान पर परेशानी आ सकती है। इसी तरह, पूर्व दिशा में टॉयलेट बनाना वर्जित है।
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पूर्व दिशा सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरूआत का प्रतीक है। इस दिशा में खिड़की होने से सुबह की सूर्य की किरणें घर में प्रवेश करती हैं। इससे घर के लोग स्वस्थ रहते हैं। पूर्व दिशा में मुख करके काम या पढ़ाई करने से एकाग्रता और ज्ञान में वृद्धि होती है।
पूर्व दिशा में गार्डन बनाना बहुत शुभ माना जाता है। यह न केवल घर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि परिवार में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति भी लाता है। फूल, पौधे और हरियाली पूर्व दिशा में विशेष लाभकारी माने जाते हैं।
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यदि पूर्व दिशा में दोष है, तो सूर्य यंत्र की स्थापना पूर्व दिशा में करनी चाहिए। पूर्वी भाग में मंगलकारी तोरण लगाना भी शुभ होता है। सूर्य भगवान को अग्र (जल) अर्पित करने के बाद ब्राह्मा जी की पूजा करें। जल देने के लिए तांबे के पात्र का उपयोग किया जाना चाहिए।
Location : New Delhi
Published : 4 April 2026, 2:23 PM IST