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चैत्र नवरात्र 2026 की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा के साथ-साथ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। जानिए वो गलतियां, जिन्हें करने से आपकी भक्ति अधूरी रह सकती है।
Chaitra Navratri 2026
New Delhi: नवरात्र जैसे पवित्र पर्व में अगर नियमों की अनदेखी की जाए तो ये सिर्फ आस्था का उल्लंघन नहीं बल्कि धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ एक तरह का ‘आध्यात्मिक अपराध’ माना जाता है। कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे व्रत और पूजा के प्रभाव को कम कर देती हैं। ऐसे में इस बार चैत्र नवरात्र 2026 के दौरान आपको बेहद सतर्क रहने की जरूरत है, वरना आपकी भक्ति अधूरी मानी जा सकती है।
चैत्र नवरात्र 2026: कब से कब तक रहेगा पर्व
इस बार चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है और इसका समापन 27 मार्च को होगा। हिंदू धर्म में इस पर्व को बेहद पवित्र माना जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और भक्त व्रत रखकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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नवरात्र में भूलकर भी न करें ये गलतियां
नवरात्र के दौरान सिर्फ पूजा-पाठ ही नहीं बल्कि आपकी दिनचर्या, खानपान और व्यवहार भी बेहद मायने रखता है। इस दौरान मांस, शराब, लहसुन और प्याज जैसी तामसिक चीजों से दूरी बनाना जरूरी होता है। सात्विक भोजन करने से मन शांत और सकारात्मक बना रहता है। इसके साथ ही गुस्सा करना, झगड़ा करना या किसी को बुरा-भला कहना भी अशुभ माना जाता है। नवरात्र केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन की शुद्धि का भी समय होता है, इसलिए अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है।
शरीर से जुड़ी इन गतिविधियों से रखें दूरी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो लोग नवरात्र का व्रत रखते हैं। उन्हें इन दिनों बाल, दाढ़ी या मूंछ कटवाने से बचना चाहिए। इसके अलावा नाखून काटना भी शुभ नहीं माना जाता है। माना जाता है कि इन दिनों शरीर से जुड़ी ऐसी गतिविधियों से दूरी रखनी चाहिए, जिससे व्रत की पवित्रता बनी रहे।
नशा और लापरवाही से बिगड़ सकता है व्रत
व्रत के दौरान तंबाकू या किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए। यह व्रत की शुद्धता को प्रभावित करता है। वहीं, अगर आप दुर्गा चालीसा, मंत्र या दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं तो बीच में उठना या बातचीत करना उचित नहीं माना जाता। पूरे मन और श्रद्धा के साथ पाठ करना ही सही तरीका है।
अखंड ज्योति में बरतें सावधानी
अगर आपने घर में अखंड ज्योति जलाई है, तो घर को खाली छोड़कर बाहर नहीं जाना चाहिए। ऐसा करना पूजा को अधूरा छोड़ने जैसा माना जाता है और इससे धार्मिक नियमों का उल्लंघन हो सकता है।