क्यों भीड़ में अकेले पड़ जाते हैं अच्छे लोग, जानें बड़ी वजह

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में सबसे बड़ा कड़वा सच है कि नेक दिल के इंसान अक्सर खुद को अकेला पाता है। समाज और रिश्तों के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश में हमें एहसास होता है कि ईमानदारी और सच्चाई की कद्र करने वाले लोग बहुत कम हैं।

Updated : 2 May 2026, 3:17 PM IST
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New Delhi: आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में सबसे बड़ा कड़वा सच है कि नेक दिल के इंसान अक्सर खुद को अकेला पाता है। समाज और रिश्तों के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश में हमें एहसास होता है कि ईमानदारी और सच्चाई की कद्र करने वाले लोग बहुत कम हैं। ऐसे में लोग खुद में को खोट देखते हैं। इन्हें लगता है कि ये लोग दूसरों से अलग हैं इसलिए ये दूसरों में घुल-मिल नहीं पाते हैं।

बनावट और स्वार्थ की राजनीति से दूर

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, अकेलापन कोई दोष नहीं बल्कि आपके आत्मसम्मान और आंतरिक शक्ति का प्रमाण है। आज के समय में जो लोग बनावट और स्वार्थ की राजनीति से दूर रहते हैं, वे स्वाभाविक रुप से भीड़ का हिस्सा नहीं बन पाते। यह अलगाव कोई सज़ा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व को निखारने और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाने का एक जरिया है।

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दुनिया में अक्सर सच का सामने करने से कतराती

दरअसल अच्छे लोग इसलिए अकेला नहीं होते कि उनमें कोई कमी है, बल्कि इसलिए होते हैं क्योंकि वे सच्चाई और सिद्धांतों से समझौता नहीं कर पाते हैं। दुनिया में अक्सर सच का सामना करने से कतराती है, इसलिए सच्चे लोगों को किनारे कर दिया जाता है। प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि यह एकांत आपको निडर बनाता है और आपको स्वयं से जुड़ने का अवसर देता है। यह आपको अंदर से शक्तिशाली बनाता है।

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Location :  New Delhi

Published :  2 May 2026, 3:17 PM IST

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