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प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
New Delhi: बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ, उन्होंने ज्ञान प्राप्त किया और बाद में महापरिनिर्वाण भी इसी तिथि को प्राप्त किया। यह दुर्लभ संयोग इस दिन को और भी विशेष और आध्यात्मिक बना देता है।
इस वर्ष 2026 में बुद्ध पूर्णिमा 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल 2026 को रात 9:12 बजे शुरू होगी और 1 मई 2026 को रात 10:52 बजे समाप्त होगी। इसी शुभ समय में देश-दुनिया के बौद्ध अनुयायी पूजा, ध्यान और प्रार्थना करेंगे।
यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन के गहरे अर्थ को समझने का अवसर है। भगवान बुद्ध ने “मध्यम मार्ग” का संदेश दिया, जो हमें अति से बचकर संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है।
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भारत के अलावा नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड, जापान और कई अन्य देशों में बुद्ध पूर्णिमा को बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मंदिरों में विशेष पूजा होती है और बुद्ध के उपदेशों का पाठ किया जाता है।
इस दिन लोग जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और आवश्यक वस्तुएं दान करते हैं। यह परंपरा समाज में करुणा, सहानुभूति और सेवा भावना को मजबूत करती है जो बुद्ध के मूल सिद्धांतों में से एक है।
आज के तनावपूर्ण समय में बुद्ध पूर्णिमा हमें रुककर सोचने का अवसर देती है। यह दिन याद दिलाता है कि सच्ची शांति बाहरी चीजों में नहीं बल्कि हमारे विचारों और कर्मों की शुद्धता में छिपी होती है।
बुद्ध पूर्णिमा केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि एक जीवन-दर्शन है। यह हमें बेहतर इंसान बनने, अहिंसा अपनाने और समाज में शांति स्थापित करने की प्रेरणा देता है।
Location : New Delhi
Published : 29 April 2026, 1:40 PM IST