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पंजाब हाई कोर्ट (Img- Pinterest)
Chandigarh: पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया पर एक स्थानीय व्यवसायी ने गंभीर आरोप लगाते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
मुकेरियां के रहने वाले कारोबारी मलकीत सिंह द्वारा दायर इस याचिका ने राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मंत्री उन पर अपने फलते-फूलते व्यवसाय में एक बड़ी हिस्सेदारी सौंपने के लिए लगातार अनुचित दबाव बना रहे हैं।
व्यवसायी मलकीत सिंह ने अपनी याचिका में बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उनका दावा है कि जब उन्होंने मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया की इस नाजायज मांग को मानने और अपने बिजनेस में हिस्सेदारी देने से साफ इन्कार कर दिया, तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां मिलने लगीं।
याचिका के अनुसार, मंत्री के इशारे पर कुख्यात गैंगस्टरों के माध्यम से मलकीत सिंह को डराया-धमकाया जा रहा है। उन्हें कई बार धमकी भरे फोन कॉल और संदेश प्राप्त हुए हैं, जिनमें स्पष्ट कहा गया कि यदि हिस्सेदारी नहीं दी गई तो उनका पूरा कारोबार बंद करवा दिया जाएगा।
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याचिकाकर्ता ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के रवैये पर भी गहरी निराशा और चिंता व्यक्त की है। मलकीत सिंह का कहना है कि उन्होंने इन धमकियों के संबंध में तमाम सबूतों और इसमें शामिल कथित आरोपियों के नामों के साथ पुलिस को एक विस्तृत शिकायत सौंपी थी।
इसके बावजूद, पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। हालांकि, पिछले वर्ष 14 अक्टूबर को पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक एफआईआर तो दर्ज की, लेकिन रसूखदार मंत्री का प्रभाव होने के कारण जांच को आगे नहीं बढ़ाया गया और अब तक मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
अपनी और अपने परिवार की जान को आसन्न खतरा देखते हुए व्यवसायी ने हाई कोर्ट से तत्काल पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस की ढुलमुल कार्यशैली को देखते हुए उन्होंने अदालत से विशेष मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच पंजाब पुलिस से लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने पंजाब सरकार और राज्य के पुलिस प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
हाई कोर्ट ने पंजाब के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), संबंधित डीएसपी और मुकेरियां के थाना प्रभारी को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई निर्धारित की है और पंजाब के डीजीपी को खुद व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है, जिसमें अब तक हुई जांच की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी होगी।
Location : New Delhi
Published : 18 June 2026, 3:20 PM IST
Topics : crime news Political Controversy Punjab News