पाकिस्तान से पंजाब और फिर दिल्ली तक फैला नेटवर्क! ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसके तार पाकिस्तान, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर तक जुड़े बताए जा रहे हैं। सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। हथियारों, संदिग्ध चैट और रेकी से जुड़े इनपुट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 16 June 2026, 7:44 PM IST
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New Delhi: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान समर्थित एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी-अपराध सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क गैंगस्टर से आतंकवादी बने शाहजाद भट्टी और अजमल गुर्जर द्वारा संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान दिल्ली-एनसीआर में संभावित आतंकी घटनाओं की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया।

स्पेशल सेल की पूर्वी रेंज की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर राहुल कुमार, विनीत कुमार तेवतिया और अजीत कुमार ने किया, जबकि इसकी निगरानी एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट ने की।

हथियार, कारतूस और डिजिटल सबूत बरामद

पुलिस जांच में सामने आया कि यह सिंडिकेट पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में अवैध हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पांच अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, 41 जिंदा कारतूस, सात मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक मोबाइल फोन की जांच में शाहजाद भट्टी और अजमल गुर्जर से जुड़े कई आपत्तिजनक चैट और वॉयस नोट भी मिले हैं।

अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से आईएसआई समर्थित गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

पुलिस ने जिन सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें अनस, मोहित, दीपक, आरिफ, करणवीर सिंह, जतन और साबिर शामिल हैं। इनमें अनस, मोहित, आरिफ और साबिर गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के निवासी हैं। दीपक और जतन ट्रोनिका सिटी के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि करणवीर सिंह पंजाब के फतेहगढ़ साहिब का निवासी है।

जांच में यह भी पता चला है कि सिंडिकेट अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की बिक्री से होने वाली कमाई के लिए कई बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस अब वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।

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सोशल मीडिया के जरिए हो रही थी भर्ती

स्पेशल सेल को मई 2026 के मध्य में इस नेटवर्क के बारे में खुफिया सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार शाहजाद भट्टी और अजमल गुर्जर कथित तौर पर आईएसआई के इशारे पर दिल्ली-एनसीआर में हमला कराने की योजना बना रहे थे। जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को नेटवर्क से जोड़ा जा रहा था। उन्हें पैसे और अन्य लालच देकर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया जाता था।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सबसे पहले मोहित को यमुना विहार इलाके के पास गिरफ्तार किया। उसके पास से एक पिस्तौल और मोबाइल फोन बरामद हुआ। पूछताछ में अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आई।

संवेदनशील स्थानों की कराई जा रही थी रेकी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों को सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों की रेकी करने के निर्देश दिए गए थे। जांच में पता चला कि उनका उद्देश्य दहशत फैलाना और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाना था। आरिफ ने पूछताछ में बताया कि उसने अजमल गुर्जर से एक जिगाना पिस्तौल एक लाख रुपये में खरीदी थी, जिसका भुगतान यूपीआई स्कैनर के माध्यम से किया गया था।

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जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि यह नेटवर्क पंजाब से दिल्ली-एनसीआर तक हेरोइन की तस्करी में भी सक्रिय था। शाहजाद भट्टी ने आरिफ और अनस को हरियाणा के एक प्रसिद्ध भोजनालय समेत कई संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी करने का निर्देश दिया था।

एन्क्रिप्टेड ऐप और हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिंडिकेट एन्क्रिप्टेड एप्लिकेशन, अस्थायी मोबाइल नंबर और हवाला चैनलों के जरिए अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। इससे उनकी गतिविधियों का पता लगाना कठिन हो जाता था। फिलहाल पुलिस पूरे मॉड्यूल की कड़ियों को जोड़ने और इसके अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है।

Location :  New Delhi

Published :  16 June 2026, 7:44 PM IST

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