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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी
नई दिल्ली: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासी विवाद बुधवार को और तेज हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी मतभेद सामने आए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी फैसले तय प्रक्रिया के तहत सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग एक सामूहिक संस्था है और मुख्य चुनाव आयुक्त को अन्य चुनाव आयुक्तों के बराबर माना जाता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की उन टिप्पणियों का हवाला दिया, जिसमें CEC को आयोग के सदस्यों में "फर्स्ट अमंग इक्वल्स" यानी बराबरों में प्रथम बताया गया है।
सिंघवी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया से जुड़े मामलों में अन्य चुनाव आयुक्तों की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता जरूरी है।
दिल्ली: प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद अभिषेक सिंघवी कहते हैं, "मुख्य चुनाव आयुक्त सोचते हैं कि वह संविधान हैं, वह एकमात्र चुनाव आयुक्त हैं, वह देश हैं और वह केवल एक व्यक्ति की बात सुनते हैं। यह देश ऐसी स्थिति में आ गया है।"#ElectionCommission #Congress… pic.twitter.com/ET8cqBfjdR
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) September 23, 2026
कांग्रेस नेता ने उन रिपोर्टों का हवाला दिया, जिनमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई थी।
सिंघवी ने आरोप लगाया कि मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया और फॉर्म-6 जैसे मुद्दों पर उठाई गई चिंताओं पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। उन्होंने चुनाव आयोग के अंदर निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए।
अपने संबोधन के दौरान सिंघवी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक संस्था के भीतर अगर सदस्यों की राय को नजरअंदाज किया जाता है तो यह गंभीर विषय है।
उन्होंने कथित तौर पर फॉर्म-6 और मतदाता सूची संशोधन से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकारियों की चिंताओं को उचित तरीके से नहीं सुना गया।
दिल्ली: कांग्रेस सांसद अभिषेक सिंघवी ने SIR को लेकर चुनाव आयुक्तों और CEC ज्ञानेश कुमार के बीच कथित मतभेदों पर कहा कि CEC ने फॉर्म 6 बदला है, चुनाव आयोग इसे नहीं बदल सकता।#ElectionCommssion #Congress@INCIndia @DrAMSinghvi @RahulGandhi pic.twitter.com/x2CNR0iWqP
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चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत फैसले लिए हैं।
आयोग ने कहा है कि चुनाव संबंधी सभी निर्णय संस्थागत व्यवस्था के अनुसार सामूहिक रूप से लिए जाते हैं और किसी भी तरह के आंतरिक मतभेद की बात सही नहीं है।
SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कपिल सिब्बल समेत कई नेताओं ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है।
अब यह विवाद मतदाता सूची संशोधन, पारदर्शिता और चुनाव आयोग के अंदर निर्णय प्रक्रिया को लेकर केंद्रित हो गया है।
Location : New Delhi
Published : 23 September 2026, 2:06 PM IST