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इंडिया गठबंधन की बैठक में सियासी ब्लूप्रिंट तैयार!
New Delhi: देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। राजधानी में हुई इंडिया गठबंधन की अहम बैठक के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है। आरोपों की बौछार, चुनावी प्रक्रिया पर सवाल और शिक्षा व्यवस्था में कथित घोटालों के बीच माहौल पूरी तरह राजनीतिक तनाव से भरा नजर आया। बैठक में लिए गए फैसलों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि इंडिया गठबंधन अब और अधिक संगठित और रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि बैठक में 25 से ज्यादा राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया और सभी मुद्दों पर व्यापक चर्चा के बाद पांच प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी।
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1. बैठक में सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, SIR प्रक्रिया और चुनावी निष्पक्षता को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा जाएगा। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और इस पर न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है।
2. दूसरा बड़ा मुद्दा शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा रहा, जिसमें NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सहमति बनी। विपक्ष ने इसे लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
3. तीसरे फैसले में देश की आर्थिक स्थिति पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार से तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की गई। महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को इसमें प्रमुख रूप से उठाया गया।
4. चौथा निर्णय संगठनात्मक मजबूती से जुड़ा रहा, जिसके तहत अब इंडिया गठबंधन की नियमित बैठक हर दो महीने में होगी और अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
5. पांचवां फैसला संसदीय समन्वय को लेकर था, जिसमें तय किया गया कि मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दल लगातार एकजुट रहेंगे और रोजाना सुबह समन्वय बैठक की जाएगी।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि SIR जैसे मामलों के कारण करोड़ों लोगों के मताधिकार पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है और जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, बेरोजगारी चरम पर है और नई नौकरियों का सृजन धीमा पड़ गया है। खड़गे के अनुसार MSME सेक्टर संकट में है और छोटे कारोबारियों पर दबाव बढ़ रहा है।
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इंडिया गठबंधन ने यह भी तय किया है कि अगली बड़ी बैठक अगस्त महीने में हैदराबाद में होगी। इस बैठक में आगे की चुनावी रणनीति और राज्यों में गठबंधन की मजबूती पर विशेष चर्चा होगी। खड़गे ने कहा कि गठबंधन अब हर दो महीने में बैठक करके अपनी रणनीति को लगातार अपडेट करेगा ताकि राजनीतिक स्तर पर बेहतर तालमेल बना रहे।
इस बैठक में देश की कई प्रमुख पार्टियां शामिल रहीं जिनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा, शिवसेना (UBT), एनसीपी (शरद पवार गुट), सीपीएम, सीपीआई, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन, पीडीपी, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस और कई अन्य क्षेत्रीय दल शामिल थे।
Location : New Delhi
Published : 8 June 2026, 3:57 PM IST