Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर चंदा विवाद पर मोहन भागवत का पहला रिएक्शन, बोले- दोषियों को…

राम मंदिर चंदा विवाद पर लंबे इंतजार के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सीधे कुछ कहने के बजाय एक अहम बयान का समर्थन किया, जिसमें दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई थी। इस बीच कांग्रेस ने भी मामले को लेकर नए सवाल उठाए हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 5 July 2026, 3:31 PM IST
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New Delhi: अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चंदा गबन के मामले ने देशभर में चर्चा छेड़ दी है। इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने पहली बार इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने जो बयान दिया है, वह उसी का पूरा समर्थन करते हैं।

मोहन भागवत ने यह बात 'सन्मार्ग माइंड वेलनेस' के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कही। हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर विस्तार से टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन इतना जरूर कहा कि होसबाले का बयान ही संघ का स्पष्ट रुख है।

क्या कहा था दत्तात्रेय होसबाले ने?

इससे पहले आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित गबन के मामले को बेहद गंभीर और निंदनीय बताया था। उन्होंने कहा था कि इस घटना से देशभर के करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। होसबाले ने साफ कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और वर्षों के संघर्ष का प्रतीक है। ऐसे में इससे जुड़ी किसी भी तरह की अनियमितता को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

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"यह सामान्य मामला नहीं"

दत्तात्रेय होसबाले ने अपने बयान में कहा था कि यह कोई साधारण वित्तीय मामला नहीं है। यह करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़ा विषय है। इसलिए जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और यदि प्रशासनिक या वित्तीय स्तर पर कोई कमी है तो उसे भी दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

'आस्था को बदनाम करने की कोशिश' का भी जिक्र

होसबाले ने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ हिंदू विरोधी और राष्ट्रविरोधी ताकतें इस घटना का फायदा उठाकर हिंदू समाज और उसकी आस्था को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक धैर्य और संयम बनाए रखें तथा किसी भी तरह की अफवाहों से बचें। उनका कहना था कि तथ्यों के सामने आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

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कांग्रेस ने उठाए कई सवाल

इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार को घेरा है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि मामले की जांच किसी उच्चतम न्यायालय के मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि अगर चंदे में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरएसएस के बयान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है।

Location :  New Delhi

Published :  5 July 2026, 3:26 PM IST

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