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डीके शिवकुमार ने मुआवजे की घोषणा की (Img: AI Generated)
Bengaluru: दिवाली से पहले कर्नाटक के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसानों को अब राज्य सरकार की ओर से ज्यादा आर्थिक मदद मिलेगी। पहले किसानों को प्रति एकड़ 2,500 रुपये की सहायता देने का ऐलान किया गया था, लेकिन अब इस रकम को बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को यह पैसा सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। ऐसे में त्योहार से पहले किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीके शिवकुमार ने किसानों के लिए राहत पैकेज की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए सरकार ने पहले 2,500 रुपये प्रति एकड़ की सहायता देने का फैसला किया था।
अब इस राशि को बढ़ाकर कुल 5,000 रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया है। सरकार की योजना के मुताबिक, किसानों को पहली किस्त के रूप में 2,500 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि बाकी 2,500 रुपये दिवाली के बाद जारी किए जाएंगे।इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी फसल सूखे के कारण प्रभावित हुई है।
डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति काफी गंभीर रही है। उनके मुताबिक, करीब 57 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र सूखे से प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य के 226 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। सरकार ने यह फैसला केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर लिया है। डिप्टी सीएम ने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव में उन्होंने इतनी बड़े स्तर पर सूखे की स्थिति पहले नहीं देखी।
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किसानों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने 1,250 करोड़ रुपये जारी करने की बात कही है। यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसका मतलब है कि किसानों को सहायता राशि लेने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पैसा सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा। सरकार का कहना है कि पहली किस्त का वितरण शुरू किया जा रहा है और दूसरी किस्त दिवाली के बाद जारी की जाएगी।
डीके शिवकुमार ने बताया कि सूखे की वजह से कर्नाटक को करीब 62,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य सरकार ने केंद्र से 22,400 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मांगी है। इस मामले में केंद्र सरकार की टीम भी स्थिति का जायजा लेने के लिए कर्नाटक पहुंची थी। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया था। इसके अलावा, सरकार ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का समय भी मांगा है।
सरकार की ओर से घोषित राहत योजना में एक किसान को अधिकतम दो एकड़ जमीन तक सहायता देने की बात कही गई है। यानी पात्र किसान को प्रति एकड़ 5,000 रुपये के हिसाब से अधिकतम 10,000 रुपये की सहायता मिल सकती है।
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सूखे के कारण पहले से आर्थिक परेशानी झेल रहे किसानों के लिए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। फसल खराब होने के बाद बीज, खाद और खेती के दूसरे खर्च उठाना किसानों के लिए मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सरकार की ओर से बढ़ाई गई सहायता राशि कुछ हद तक उनकी परेशानी कम कर सकती है।
Location : Bengaluru
Published : 5 November 2026, 8:10 PM IST