बाबा दरबार में माथा टेका, फिर सरकार को ललकारा! पप्पू यादव ने किस लड़ाई का किया ऐलान?

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद डबल इंजन सरकार पर निशाना साधा। धनबाद के बारामुड़ी खटाल विवाद में गरीब परिवारों के समर्थन में आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी। महंगाई, बेरोजगारी, मणिपुर, अंकिता प्रकरण और भाजपा की रैली पर भी सवाल उठाए।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 5 November 2026, 1:33 PM IST
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Deoghar: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद केंद्र और झारखंड की डबल इंजन सरकार को लेकर कई तीखे राजनीतिक बयान दिए। धनबाद के बारामुड़ी खटाल में रहने वाले परिवारों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सरकार को खुली चेतावनी दी कि गरीबों का आशियाना छीनने की कोशिश हुई तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 22 साल से खटाल संचालित हो रहा है और 25 से 30 परिवार वहां रह रहे हैं, तो अब अचानक उन्हें हटाने की नौबत क्यों आ रही है?

पप्पू यादव ने कहा कि यह केवल खटाल का मामला नहीं, बल्कि गरीब परिवारों की रोजी-रोटी और उनके रहने के अधिकार से जुड़ा सवाल है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने भाजपा की 'अराजकता हटाओ' रैली, बिहार की राजनीति, महंगाई, बेरोजगारी, मणिपुर हिंसा, अंकिता प्रकरण और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। इस दौरान उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज को लेकर भी विवादित टिप्पणी की।

बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचे पप्पू यादव

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव गुरुवार को झारखंड के देवघर पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद जब मीडिया ने उनसे देवघर आने का उद्देश्य पूछा तो उन्होंने कहा कि वह बाबा की नगरी में गरीबों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रार्थना करने आए हैं। पप्पू यादव ने कहा कि उनकी प्रार्थना है कि गरीबों के अधिकारों पर किसी की कुदृष्टि न पड़े और किसी के साथ अन्याय न हो।

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बारामुड़ी खटाल विवाद पर सरकार को चेतावनी

धनबाद के बारामुड़ी खटाल विवाद को लेकर पप्पू यादव ने कहा कि वह पहले भी खटाल संचालकों और वहां रहने वाले परिवारों के समर्थन में पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 22 वर्षों से वहां खटाल संचालित हो रहा है और 25 से 30 परिवार लंबे समय से उसी इलाके में रह रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों से रह रहे परिवारों को अब हटाने की जरूरत क्यों पड़ रही है? पप्पू यादव के मुताबिक, इन परिवारों की जिंदगी और रोजी-रोटी इसी जगह से जुड़ी हुई है। ऐसे में उन्हें हटाने का फैसला उनके सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है।

डबल इंजन सरकार पर निशाना

मीडिया से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने डबल इंजन सरकार को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बिहार के राजनीतिक हालात और राज्य सरकार का जिक्र करते हुए अशोक चौधरी पर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि गरीबों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। बारामुड़ी खटाल को लेकर मुख्यमंत्री के कथित बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अगर सरकार गरीबों और दलितों के हितों को प्राथमिकता देने की बात करती है तो खटाल से जुड़े परिवारों के मामले में भी उसी तरह का रुख अपनाना चाहिए।

Pappu Yadav

बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पप्पू यादव (IMG: Dynamite News)

प्रेमानंद महाराज को लेकर की विवादित टिप्पणी

देवघर में मीडिया से बातचीत के दौरान संत प्रेमानंद महाराज का मुद्दा भी उठा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने उनके खिलाफ तीखी टिप्पणी की और उन्हें ठग कहा। उनके इस बयान से बातचीत के दौरान एक अलग विवाद भी सामने आया।

भाजपा की 'अराजकता हटाओ' रैली पर सवाल

भाजपा की ओर से निकाली जा रही 'अराजकता हटाओ' रैली को लेकर भी पप्पू यादव ने सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि संविधान को कौन नहीं मानता और देश में महिलाओं की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों पर सरकार की जवाबदेही क्या है? उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मणिपुर की स्थिति और महिलाओं के खिलाफ अपराधों का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने अंकिता प्रकरण को उठाते हुए आरोप लगाया कि अंकिता से जुड़े मामले में बलात्कार के आरोपी को राज्यपाल बना दिया गया। उन्होंने मणिपुर में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना का भी उल्लेख किया।

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महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर आरोप

पप्पू यादव ने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने रुपये की कीमत, रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल के दामों का जिक्र करते हुए दावा किया कि मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि जब केंद्र में मौजूदा सरकार आई थी, उस समय रुपया करीब 55 के स्तर पर था, जबकि अब 100 के स्तर की बात हो रही है। इसी तरह उन्होंने गैस की कीमत 45 रुपये से बढ़कर 100 रुपये और पेट्रोल की कीमत 55 से 56 रुपये से बढ़कर 100 रुपये होने का दावा किया।

विदेश नीति, पेपर लीक और किसानों का मुद्दा भी उठाया

पप्पू यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले भारत की विदेश नीति बेहतर स्थिति में थी, जबकि अब कई देश भारत पर हमला कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने देश में डेढ़ लाख स्कूल बंद होने का दावा किया और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि इन सवालों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि पिछले 14 वर्षों में सरकार ने नफरत फैलाने का काम किया है।

Location :  Deoghar

Published :  5 November 2026, 1:33 PM IST

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