BSP का बड़ा दांव! आकाश आनंद को किनारे कर मायावती की नई रणनीति, क्या ब्राह्मण कार्ड बदल देगा यूपी चुनाव की तस्वीर?

बहुजन समाज पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रत्याशी चयन और रणनीति पर काम जारी है। हालांकि आकाश आनंद को कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिलने से कार्यकर्ताओं में असमंजस है। वहीं पार्टी ब्राह्मण मतदाताओं को साधने और अधिक ब्राह्मण उम्मीदवार उतारने की रणनीति बना रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 June 2026, 11:24 AM IST
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Lucknow: बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी स्तर पर प्रत्याशियों के चयन और चुनावी रणनीति बनाने का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया के बीच राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद की भूमिका को लेकर सवाल बने हुए हैं।

आकाश आनंद को जिम्मेदारी नहीं मिलने से असमंजस

पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि आकाश आनंद को अभी तक कोई बड़ी जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई है। बसपा प्रमुख मायावती की ओर से भी उनकी भूमिका को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि युवा चेहरे के तौर पर आकाश आनंद की सक्रियता चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

युवा चेहरे की तलाश में बसपा

यूपी की राजनीति में आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के बढ़ते प्रभाव के बीच बसपा को भी एक मजबूत युवा चेहरे की जरूरत महसूस हो रही है। हालांकि आकाश आनंद ने अभी तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है, लेकिन पार्टी में उन्हें युवा नेतृत्व के तौर पर देखा जाता रहा है।

आकाश को यूपी और उत्तराखंड से दूर रखने का फैसला

लोकसभा चुनाव के दौरान आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाने के बाद जब उनकी वापसी हुई थी, तब उन्हें यूपी और उत्तराखंड की राजनीति से दूर रखने का फैसला किया गया था। अब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच उनकी सीमित भूमिका को लेकर पार्टी के अंदर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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ब्राह्मण वोट बैंक पर बसपा की नजर

दूसरी ओर बसपा यूपी में ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी अधिक संख्या में ब्राह्मण उम्मीदवारों को टिकट देने की तैयारी में है। बसपा का मानना है कि वर्ष 2007 की तरह एक मजबूत सामाजिक समीकरण बनाकर चुनावी सफलता हासिल की जा सकती है।

2007 के फॉर्मूले को दोहराने की कोशिश

वर्ष 2007 में बसपा की सरकार बनने के दौरान पार्टी के साथ बड़ी संख्या में ब्राह्मण नेता जुड़े थे। उस समय सतीश चंद्र मिश्रा जैसे नेताओं की भूमिका काफी अहम रही थी। अब पार्टी फिर से ब्राह्मण समाज में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

पहला ब्राह्मण उम्मीदवार घोषित

बसपा ने विधानसभा चुनाव के लिए जालौन की माधोगढ़ सीट से आशीष पांडेय को पहला प्रत्याशी घोषित किया है। इसके जरिए पार्टी ने ब्राह्मण मतदाताओं को संदेश देने की कोशिश की है।

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चुनावी रणनीति पर टिकी नजर

अब देखना होगा कि बसपा आकाश आनंद को लेकर क्या फैसला करती है और ब्राह्मण कार्ड कितना असर दिखाता है। यूपी चुनाव में पार्टी की रणनीति आने वाले दिनों में और साफ हो सकती है।

Location :  Lucknow

Published :  27 June 2026, 11:18 AM IST

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