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एअर इंडिया विमान (Img: Pinterest)
New Delhi: फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 में 4 अगस्त को हुई गंभीर तकनीकी खराबी की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी के चलते विमान के मुख्य कंट्रोल सरफेस 4 सेकंड के लिए ठप हो गए थे। इसके बाद आपात स्थिति में महज 60 सेकंड के भीतर विमान 676 फीट (करीब 60 मंजिला इमारत के बराबर) नीचे आ गया, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया।
जांच में पता चला कि विमान के मुख्य कंट्रोल सरफेस, जिनमें एलिवेटर और एलरॉन शामिल हैं, लगभग 4 सेकंड तक पूरी तरह काम नहीं कर रहे थे। इसी दौरान हाइड्रोलिक सिस्टम में आई खराबी के कारण स्पॉइलर भी निष्क्रिय हो गए। तकनीकी खराबी की वजह से विमान का संतुलन बिगड़ गया और पायलटों को तुरंत आपात कदम उठाने पड़े।
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विमान की अचानक तेज गिरावट से यात्रियों में घबराहट फैल गई। जिन यात्रियों ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी, वे अपनी सीटों से उछलकर ऊपर बने सामान रखने वाले केबिन से टकरा गए। हालांकि, पायलटों की सतर्कता और समय पर उठाए गए कदमों से विमान को सुरक्षित नियंत्रित कर लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना के बाद एअर इंडिया ने उड़ान सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नया कदम उठाया है। 13 अगस्त से एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस के 5,000 से अधिक पायलटों की प्रतिदिन ड्रग और प्रतिबंधित दवाओं की जांच की जाएगी। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पेशेवर मानकों को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखना है।
फिलहाल इस घटना की विस्तृत जांच जारी है। विशेषज्ञ विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम और कंट्रोल सरफेस में आई खराबी के कारणों की गहराई से जांच कर रहे हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि तकनीकी खराबी की असली वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
Location : New Delhi
Published : 14 August 2026, 12:16 PM IST