बरसो रे मेघा-मेघा… बारिश होते ही खुल गई विकास की पोल, मिर्जापुर में सड़क पर ऐसा हाल कि लग गया जाम

मिर्जापुर के नटवा रेलवे अंडरपास में थोड़ी बारिश के बाद भारी जलभराव से आवागमन बाधित हो जाता है। लोगों को अस्पताल, कचहरी और दूसरे शहरों तक पहुंचने में परेशानी होती है। मजबूरी में कुछ लोग रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 14 August 2026, 11:54 AM IST
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Mirzapur: मिर्जापुर जिले में विकास के दावों के बीच नटवा रेलवे अंडरपास की बदहाल स्थिति लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। थोड़ी सी बारिश होते ही अंडरपास में भारी जलभराव हो जाता है और मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप होने की स्थिति बन जाती है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ भदोही, जौनपुर, प्रयागराज और वाराणसी की ओर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

बारिश होते ही बंद हो जाता है रास्ता

नटवा अंडरपास मिर्जापुर के प्रमुख मार्गों में शामिल है। यह रास्ता आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने के साथ ही लोगों के लिए प्रयागराज और वाराणसी जाने का महत्वपूर्ण रास्ता है। लेकिन बारिश के बाद अंडरपास में इतना पानी भर जाता है कि छोटे-बड़े वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है।

जलभराव के कारण लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। भदोही की ओर जाने वाले लोगों को चुनार के रास्ते हाईवे से लंबा सफर तय करना पड़ता है या फिर विंध्याचल की संकरी गलियों से होकर गुजरना पड़ता है।

अस्पताल और कचहरी पहुंचना भी मुश्किल

स्थानीय लोगों का कहना है कि नटवा अंडरपास बंद होने का असर केवल आवागमन पर नहीं पड़ता, बल्कि जरूरी सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। शहर के इस पार रहने वाले लोगों को अस्पताल और कचहरी तक पहुंचने में परेशानी होती है। बारिश के दौरान आपात स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक सरकार की ओर से सड़क और अन्य सुविधाओं के विकास के दावे किए जाते हैं, लेकिन अंडरपास में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है।

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पंप लगाया, लेकिन समस्या बरकरार

जलभराव से निपटने के लिए नगर पालिका की ओर से एक वाटर पंप लगाया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि पंप के बावजूद अंडरपास से पानी पूरी तरह नहीं निकल पा रहा है। बारिश के बाद स्थिति जस की तस बनी रहती है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे लोग

अंडरपास में पानी भरने के बाद कुछ लोग मजबूरी में रेलवे ट्रैक पार करके रास्ता तय कर रहे हैं। यह स्थिति बेहद खतरनाक है। खासकर विद्युत चालित ट्रेनों के संचालन के कारण रेलवे ट्रैक पार करना जानलेवा साबित हो सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से शव यात्रा तक प्रभावित होती है। लोगों को मजबूरी में जोखिम उठाना पड़ रहा है, जबकि समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ है।

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स्थानीय नेता ने उठाए सवाल

स्थानीय युवा नेता सतीश मिश्रा ने अंडरपास की समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि नटवा अंडरपास राष्ट्रीय मार्ग से जुड़ा महत्वपूर्ण रास्ता है, जहां जल निकासी की स्थायी व्यवस्था होना जरूरी है।

सतीश मिश्रा ने कहा कि आम जनता बारिश के दौरान परेशान रहती है, लेकिन मूल समस्या के समाधान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि अंडरपास में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराकर लोगों को राहत दी जाए।

अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर नटवा अंडरपास की यह समस्या कब खत्म होगी और बारिश के दौरान लोगों को जान जोखिम में डालकर रास्ता तय करने से कब राहत मिलेगी?

Location :  Mirzapur

Published :  14 August 2026, 11:53 AM IST

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