Parenting Tips: बेटी के पहले पीरियड से पहले हिचकिचाहट छोड़ें, इन 5 आसान तरीकों से खुलकर करें बात

भारतीय घरों में पीरियड्स पर बात करने में हिचकिचाहट क्यों? जानिए कैसे माता-पिता वैज्ञानिक तथ्यों और अपने अनुभवों के जरिए बढ़ती उम्र की बेटी को उसके पहले पीरियड के लिए मानसिक रूप से तैयार कर सकते हैं और हाइजीन के जरूरी नियम सिखा सकते हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 18 June 2026, 1:13 PM IST
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1 / 7 \"Zoom\"भारतीय समाज में आज भी पीरियड्स यानी मासिक धर्म एक ऐसा विषय है, जिस पर खुलकर बात करने में माता-पिता अक्सर हिचकिचाते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि पीरियड्स एक सामान्य और अनिवार्य जैविक प्रक्रिया है, जिसे रोकने या अनदेखा करने का कोई विकल्प नहीं है। (फोटो सोर्स- Pinterest)
2 / 7 \"Zoom\"खासकर जब बात बढ़ती उम्र की बेटी की हो, तो उसके पहले पीरियड (First Period) से पहले ही उसे इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है। सही समय पर मिली सही जानकारी न केवल बच्ची को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि समाज में फैले अंधविश्वासों और रूढ़ियों से लड़ने का हौसला भी देती है। (फोटो सोर्स- Pinterest)
3 / 7 \"Zoom\"टीनेज बेटी से इस संवेदनशील विषय पर बात करना थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह बेहद जरूरी है कि उसे पहली जानकारी किसी अविश्वसनीय माध्यम के बजाय अपने माता-पिता से मिले। बातचीत की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले बेटी से सवाल पूछें कि क्या उसे पीरियड्स के बारे में पहले से कुछ पता है। हो सकता है उसे स्कूल की साइंस क्लास या सहेलियों से कुछ बातें पता चली हों। उसकी पूरी बात ध्यान से सुनें। (फोटो सोर्स- Pinterest)
4 / 7 \"Zoom\"यदि आपको लगे कि उसकी जानकारी अधूरी या भ्रामक है, तो बिना देर किए उसे सही और सटीक जानकारी दें। बेटी को पीरियड्स के बारे में समझाते समय इधर-उधर की बातें करने के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों (Facts) का सहारा लें। इसे किसी सामान्य साइंस क्लास की तरह ही सहजता से समझाएं। उसे बताएं कि पीरियड्स महिला के शरीर को भविष्य में बच्चे के जन्म के लिए तैयार करने की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। (फोटो सोर्स- Pinterest)
5 / 7 \"Zoom\"महिला के गर्भाशय (Uterus) में हर महीने कुछ हॉर्मोन रिलीज होते हैं, जिससे गर्भाशय के अंदरूनी हिस्से में एक सुरक्षात्मक परत बन जाती है। जब शरीर में कोई एग (Egg) फर्टिलाइज नहीं होता, तो यही परत खून और टिश्यूज के रूप में वजाइना के रास्ते बाहर निकलती है। बेटी को यह भरोसा दिलाएं कि यह कोई बीमारी या चोट नहीं है, बल्कि प्यूबर्टी का एक बेहद सामान्य हिस्सा है। (फोटो सोर्स- Pinterest)
6 / 7 \"Zoom\"इस चर्चा को और अधिक सहज बनाने के लिए मां अपने पहले पीरियड का अनुभव बेटी के साथ शेयर कर सकती हैं। शुरुआत में उन्हें जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा, उनके बारे में खुलकर बात करें। इसके साथ ही, बेटी को पीरियड्स के दौरान या उससे ठीक पहले होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों (PMS) के लिए तैयार करें। (फोटो सोर्स- Pinterest)
7 / 7 \"Zoom\"सिर्फ किताबी बातें ही नहीं, बल्कि बेटी को सैनिटरी पैड्स (Sanitary Pads) के इस्तेमाल का सही तरीका और उसे हर 4 से 6 घंटे के अंतराल पर बदलने की जरूरत के बारे में भी सिखाएं। उसे यह भी बताएं कि स्कूल या घर से बाहर होने पर आपातकालीन स्थिति में खुद को कैसे संभालना है। इसके अतिरिक्त, उसे अपनी हॉर्मोनल हेल्थ की ट्रैकिंग के लिए पीरियड साइकिल चार्ट मेंटेन करना सिखाएं। (फोटो सोर्स- Pinterest)

Location :  New Delhi

Published :  18 June 2026, 1:13 PM IST

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