असलम चौक पर रात के अंधेरे में पल्सर बाइक का वो चक्कर, पुलिस को देख भागने लगा युवक; पुड़िया खुलते ही उड़े होश!
पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में पुलिस ने असलम चौक के पास छापेमारी कर पल्सर बाइक सवार युवक एहतेशाम वकार को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 1.46 ग्राम ब्राउन शुगर, मोबाइल और बाइक बरामद हुई है। पुलिस एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर नेटवर्क खंगाल रही है।
पुलिस की गिरफ्त में अभियुक्त (Image Source: Dynamite News)
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र से नशे के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी सामने आई है। 16 जून 2026 की देर रात करीब 10:55 बजे जिला पुलिस के वरीय अधिकारियों को एक गुप्त और सटीक सूचना मिली। इनपुट था कि असलम चौक के आस-पास एक युवक अपनी पल्सर मोटरसाइकिल से प्रतिबंधित नशीले पदार्थ ‘ब्राउन शुगर’ की बड़ी खेप की खरीद-बिक्री करने के लिए किसी ग्राहक का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई और चक्रधरपुर थाने में तुरंत सनहा दर्ज कर एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
गठित पुलिस टीम जैसे ही असलम चौक पहुंची, वहां पल्सर बाइक (संख्या JH05CP 6025) पर एक संदिग्ध युवक बैठा दिखाई दिया। पुलिस की गाड़ी को अपनी तरफ आते देख युवक घबरा गया और बाइक स्टार्ट कर भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन वहां मौजूद मुस्तैद सशस्त्र बल के जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। तलाशी लेने और कड़ाई से पूछताछ करने के बाद उसे तुरंत थाने लाया गया।
पकड़े गए युवक की पहचान एहतेशाम वकार (28 वर्ष), पिता अफताब आलम के रूप में हुई है, जो चक्रधरपुर के पापड़हाता (वार्ड नंबर-10) का निवासी है। पुलिस द्वारा ली गई जामा तलाशी के दौरान उसके पास से तीन छोटी पुड़ियों में बंद कुल 1.46 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। इसके अलावा पुलिस ने उसके पास से एक ओपो कंपनी का मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल हो रही पल्सर बाइक को जब्त कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह लंबे समय से युवाओं को निशाना बनाकर नशे की आपूर्ति कर रहा था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 17(a)/21(a) के तहत कांड संख्या 69/2026 दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
इस त्वरित और सफल छापेमारी दल का नेतृत्व खुद सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) चक्रधरपुर और पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी अवधेश कुमार कर रहे थे। टीम में उनके साथ प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक राजकिशोर तिवारी, पुलिस अवर निरीक्षक परमेश्वर उरांव, सहायक अवर निरीक्षक भरत भूषण सामड और चक्रधरपुर थाने के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस सूत्रों से मिली विशेष जानकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान एहतेशाम ने शहर के कई सफेदपोशों और बड़े सप्लायरों के नामों का खुलासा किया है, जो इस रैकेट को पीछे से ऑपरेट कर रहे हैं। यह गिरोह ओडिशा और बंगाल की सीमा से सटे इलाकों से नशीले पदार्थों की खेप लाकर स्थानीय कॉलेज और स्कूल के छात्रों को ऊंचे दामों पर बेचता था। आरोपी ग्राहकों से बात करने के लिए सोशल मीडिया कॉलिंग और ‘सामान’ के लिए खास ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल करता था ताकि सामान्य पुलिस चेकिंग से बचा जा सके। पुलिस अब इन कड़ियों को जोड़कर शहर में बड़े पैमाने पर धरपकड़ की तैयारी कर रही है।