कम सो रहे हैं या ज्यादा? 5 लाख लोगों पर हुई रिसर्च में हुआ खुलासा, जानिए सही नींद का राज
5 लाख लोगों पर हुई नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि कम या ज्यादा सोना आपकी बायोलॉजिकल एज तेजी से बढ़ा सकता है। जानिए सेहतमंद रहने और लंबी उम्र के लिए महिलाओं और पुरुषों को रोजाना कितने घंटे सोना जरूरी है।
भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद से समझौता करना बेहद आम हो चुका है, लेकिन यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। लगभग 5 लाख लोगों पर की गई एक रिसर्च में बड़ा खुलासा हुआ है। जरूरत से ज्यादा या कम सोना आपकी बायोलॉजिकल उम्र को तेजी से बढ़ाता है। स्टडी के मुताबिक, 6 घंटे से कम सोने वालों में असमय मौत का जोखिम 50% और आठ घंटे से ज्यादा सोने वालों में 40% तक बढ़ जाता है। (Img- Pinterest)
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शरीर के अंगों को दुरुस्त रखने और उम्र के असर को धीमा करने के लिए सही समय तक सोना बेहद जरूरी है। इस रिसर्च में सामने आया कि महिलाओं के लिए 6.5 से 7.8 घंटे और पुरुषों के लिए 6.4 से 7.7 घंटे की नींद सबसे परफेक्ट मानी गई है। नींद का यह दायरा आपके दिल, दिमाग, लिवर, इम्यून सिस्टम और स्किन समेत शरीर के लगभग हर मुख्य अंग को स्वस्थ रखने में मदद करता है। (Img- Pinterest)
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दिल्ली, चेन्नई और कराची जैसे शहरों के 16 हजार से अधिक वयस्कों पर हुई स्टडी ने चौंकाने वाले आंकड़े दिए हैं। अमूमन एक वयस्क को रोजाना औसतन 7.3 घंटे की नींद चाहिए होती है। हालांकि, आंकड़ों के अनुसार करीब 5.5% लोग 5 घंटे से भी कम सो रहे हैं, जबकि 12.4% लोग 9 घंटे से अधिक सो रहे हैं। इसके अलावा, 12% लोग इनसोम्निया और 14.5% लोग खर्राटों की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। (Img- Pinterest)
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आप केवल कितने घंटे बिस्तर पर बिताते हैं, सेहत के लिए सिर्फ यही मायने नहीं रखता। आपकी नींद कितनी गहरी और नियमित है, यह भी उतना ही जरूरी है। अगर आप लगातार 6 घंटे से कम या बहुत ज्यादा सो रहे हैं, तो यह खराब नींद की गुणवत्ता का संकेत हो सकता है। यह स्थिति शरीर को पूरी तरह तरोताजा नहीं होने देती, जिससे भविष्य में दिल और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां जन्म ले सकती हैं। (Img- Pinterest)
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अच्छी नींद की कमी का सीधा असर हमारी मेंटल हेल्थ, पाचन तंत्र, फेफड़ों और हृदय प्रणाली पर पड़ता है। जब आपकी बायोलॉजिकल क्लॉक या सोने का रूटीन बिगड़ता है, तो शरीर में अंदरूनी सूजन और हार्मोनल असंतुलन पैदा होने लगता है। इसके कारण शरीर की अंदरूनी मरम्मत प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। इसलिए बीमारियों से बचाव और लंबी उम्र के लिए नींद के घंटे व उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना अनिवार्य है। (Img- Pinterest)
भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद से समझौता करना बेहद आम हो चुका है, लेकिन यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। लगभग 5 लाख लोगों पर की गई एक रिसर्च में बड़ा खुलासा हुआ है। जरूरत से ज्यादा या कम सोना आपकी बायोलॉजिकल उम्र को तेजी से बढ़ाता है। स्टडी के मुताबिक, 6 घंटे से कम सोने वालों में असमय मौत का जोखिम 50% और आठ घंटे से ज्यादा सोने वालों में 40% तक बढ़ जाता है। (Img- Pinterest)
शरीर के अंगों को दुरुस्त रखने और उम्र के असर को धीमा करने के लिए सही समय तक सोना बेहद जरूरी है। इस रिसर्च में सामने आया कि महिलाओं के लिए 6.5 से 7.8 घंटे और पुरुषों के लिए 6.4 से 7.7 घंटे की नींद सबसे परफेक्ट मानी गई है। नींद का यह दायरा आपके दिल, दिमाग, लिवर, इम्यून सिस्टम और स्किन समेत शरीर के लगभग हर मुख्य अंग को स्वस्थ रखने में मदद करता है। (Img- Pinterest)
दिल्ली, चेन्नई और कराची जैसे शहरों के 16 हजार से अधिक वयस्कों पर हुई स्टडी ने चौंकाने वाले आंकड़े दिए हैं। अमूमन एक वयस्क को रोजाना औसतन 7.3 घंटे की नींद चाहिए होती है। हालांकि, आंकड़ों के अनुसार करीब 5.5% लोग 5 घंटे से भी कम सो रहे हैं, जबकि 12.4% लोग 9 घंटे से अधिक सो रहे हैं। इसके अलावा, 12% लोग इनसोम्निया और 14.5% लोग खर्राटों की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। (Img- Pinterest)
आप केवल कितने घंटे बिस्तर पर बिताते हैं, सेहत के लिए सिर्फ यही मायने नहीं रखता। आपकी नींद कितनी गहरी और नियमित है, यह भी उतना ही जरूरी है। अगर आप लगातार 6 घंटे से कम या बहुत ज्यादा सो रहे हैं, तो यह खराब नींद की गुणवत्ता का संकेत हो सकता है। यह स्थिति शरीर को पूरी तरह तरोताजा नहीं होने देती, जिससे भविष्य में दिल और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां जन्म ले सकती हैं। (Img- Pinterest)
अच्छी नींद की कमी का सीधा असर हमारी मेंटल हेल्थ, पाचन तंत्र, फेफड़ों और हृदय प्रणाली पर पड़ता है। जब आपकी बायोलॉजिकल क्लॉक या सोने का रूटीन बिगड़ता है, तो शरीर में अंदरूनी सूजन और हार्मोनल असंतुलन पैदा होने लगता है। इसके कारण शरीर की अंदरूनी मरम्मत प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। इसलिए बीमारियों से बचाव और लंबी उम्र के लिए नींद के घंटे व उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना अनिवार्य है। (Img- Pinterest)