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ईस्टर केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि यह आस्था और चमत्कार का प्रतीक है, जिसे ईसाई समुदाय विशेष उत्साह के साथ मनाता है। धार्मिक ग्रंथ बाइबल के अनुसार, पुनर्जीवित होने के बाद यीशु मसीह लगभग 40 दिनों तक पृथ्वी पर रहे। इस दौरान उन्होंने अपने शिष्यों को प्रेम, क्षमा, करुणा और मानवता का संदेश दिया। इसके बाद वे स्वर्ग लौट गए। यही कारण है कि गुड फ्राइडे से लेकर ईस्टर तक का समय ईसाई धर्म में विशेष महत्व रखता है। (Img: Google)
ईस्टर केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि यह आस्था और चमत्कार का प्रतीक है, जिसे ईसाई समुदाय विशेष उत्साह के साथ मनाता है। धार्मिक ग्रंथ बाइबल के अनुसार, पुनर्जीवित होने के बाद यीशु मसीह लगभग 40 दिनों तक पृथ्वी पर रहे। इस दौरान उन्होंने अपने शिष्यों को प्रेम, क्षमा, करुणा और मानवता का संदेश दिया। इसके बाद वे स्वर्ग लौट गए। यही कारण है कि गुड फ्राइडे से लेकर ईस्टर तक का समय ईसाई धर्म में विशेष महत्व रखता है। (Img: Google)