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विशेषज्ञों का मानना है कि AI चैटबॉट्स इंसानों की तरह बातचीत करते हैं और दोस्त या सलाहकार जैसा अनुभव देते हैं। बच्चे जल्दी इनसे जुड़ जाते हैं और इन्हें भरोसेमंद मानने लगते हैं। हालांकि, ये प्लेटफॉर्म न तो बच्चों के लिए बनाए गए हैं और न ही मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ हैं। इसके बावजूद, ये संवेदनशील विषयों पर बातचीत करते हैं, जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
Published : 9 April 2026, 9:03 AM IST