Sunscreen से जुड़े 5 बड़े मिथक: जिन्हें सच मानकर आप अनजाने में कर रहे हैं अपनी खूबसूरत त्वचा का नुकसान
बढ़ते प्रदूषण और तेज धूप से त्वचा को बचाने के लिए सनस्क्रीन सबसे जरूरी है। लेकिन इसे लेकर कई तरह के भ्रम फैले हैं। आइए जानते हैं सनस्क्रीन से जुड़े ऐसे ही 5 बड़े मिथक, जिन्हें सच मानकर आप अपनी त्वचा को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
हम सभी जानते हैं कि सनस्क्रीन बढ़ते प्रदूषण और धूप की हानिकारक किरणों से त्वचा की रक्षा करती है। अक्सर लोग सोचते हैं कि बारिश या सर्दी के मौसम में जब धूप नहीं निकलती, तब सनस्क्रीन लगाने की कोई जरूरत नहीं होती है। यह एक बेहद आम और गलत धारणा है क्योंकि बादलों के पार भी हानिकारक यूवी रेडिएशन मौजूद रहती हैं। त्वचा को एजिंग और टैनिंग से बचाने के लिए साल के बारह महीने सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूरी है। (Img- Pinterest)
2 / 5
कई लोगों का मानना होता है कि अगर उन्हें धूप से सिर्फ टैनिंग हो रही है और सनबर्न जैसी समस्या नहीं है, तो सनस्क्रीन लगाना जरूरी नहीं है। मेडिकल रिसर्च और मायो क्लिनिक के मुताबिक सेफ टैन जैसी दुनिया में कोई चीज नहीं होती है। धूप के कारण त्वचा का रंग काला पड़ना इस बात का सीधा सबूत है कि आपकी स्किन सेल्स अंदर से पूरी तरह डैमेज हो चुकी हैं और उन्हें तुरंत मरम्मत की जरूरत है। (Img- Pinterest)
3 / 5
एक और बड़ा मिथक यह है कि डार्क स्किन टोन वाले लोगों को सनस्क्रीन लगाने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। लोग मानते हैं कि मेलेनिन अधिक होने से धूप नुकसान नहीं पहुंचाती, जबकि असलियत इसके बिल्कुल उलट है। स्किन टोन गोरा हो या डार्क, सूरज की खतरनाक अल्ट्रावॉयलेट किरणें हर तरह की त्वचा को समान रूप से नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए हर किसी को बिना लापरवाही बरते रोजाना घर से निकलते समय सनस्क्रीन लगानी चाहिए। (Img- Pinterest)
4 / 5
आजकल बाजार में ऐसे कई ब्यूटी और मेकअप प्रोडक्ट्स आ रहे हैं, जिनमें सनस्क्रीन (SPF) पहले से ही मिक्स होने का दावा किया जाता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि इन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में सनस्क्रीन का एसपीएफ 30 से कम है, तो यह आपकी त्वचा को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे पाएगा। बेहतर स्किन केयर रूटीन के लिए हमेशा अपने नियमित मेकअप प्रोडक्ट्स को लगाने से पहले अलग से एक अच्छी सनस्क्रीन जरूर अप्लाई करें। (Img- Pinterest)
5 / 5
बहुत से लोग इस डर से सनस्क्रीन नहीं लगाते हैं कि इससे उनके शरीर को जरूरी विटामिन डी मिलना बंद हो जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, सनस्क्रीन को चेहरे और शरीर पर अच्छी तरह लगाने के बाद भी लगभग 2 से 3 प्रतिशत धूप की किरणें त्वचा को आसानी से छू लेती हैं। यह मात्रा शरीर में विटामिन डी के निर्माण के लिए पूरी तरह पर्याप्त है। इसलिए यह सोचना बिल्कुल गलत है कि सनस्क्रीन रुकावट बनती है। (Img- Pinterest)