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आदिवासी संगठनों का धरना
Latehar: लातेहार जिला पड़हा समिति के नेतृत्व में सोमवार को पेशा नियमावली के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विभिन्न आदिवासी संगठनों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने गैर-आदिवासियों को ग्राम प्रधान बनाए जाने का विरोध करते हुए आदिवासियों की धार्मिक, सामाजिक और सामुदायिक जमीनों की सुरक्षा की मांग उठाई।
धरना के दौरान आदिवासी संगठन के संरक्षक Dev Kumar Dhan ने कहा कि लातेहार जिले के कई प्रखंडों के गांवों में गैर-अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों को ग्राम प्रधान और ग्राम सभा अध्यक्ष नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने इसे “पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025” और पेसा एक्ट 1996 के प्रावधानों के खिलाफ बताया।
आदिवासी संगठनों का कहना है कि नियमावली 2025 के नियम 2 और नियम 7 तथा पेशा एक्ट 1996 के नियम 4(g) के अनुसार पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों के गांवों में ग्राम सभा अध्यक्ष का पद अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए आरक्षित होना चाहिए।
इसके बावजूद कई गांवों में गैर-आदिवासी समुदाय के लोगों की नियुक्ति किए जाने से आदिवासी समाज में नाराजगी बढ़ रही है।
धरना में शामिल लोगों ने प्रशासन से मांग की कि गैर-कानूनी तरीके से नियुक्त किए गए ग्राम प्रधानों को तत्काल हटाया जाए। साथ ही संबंधित गांवों में पेशा कानून के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों को ही ग्राम सभा अध्यक्ष और ग्रामप्रधान नियुक्त किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आदिवासी समाज की धार्मिक, सामाजिक और सामुदायिक जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संविधान की पांचवीं अनुसूची और पेशा कानून का सख्ती से पालन कराने की भी मांग की।
कार्यक्रम के अंत में प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Location : Jharkhand
Published : 25 May 2026, 4:47 PM IST