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दिल्ली में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद को हिरासत में लिया गया। सांसदों ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे। ईडी की कार्रवाई के खिलाफ टीएमसी का विरोध और तेज हो गया है।
महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद
New Delhi: राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को उस वक्त राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद को संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिया गया। हालांकि, कुछ समय बाद दोनों सांसदों को रिहा कर दिया गया। टीएमसी सांसदों का कहना है कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद केंद्र और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है।
महुआ मोइत्रा ने बताया कि वह और उनके साथी सांसद केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अहिंसक था, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। महुआ ने सवाल उठाया कि जब सांसद शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे थे, तब इस तरह की कार्रवाई की क्या जरूरत थी।
हिरासत से रिहा होने के बाद महुआ मोइत्रा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईडी ने तृणमूल कांग्रेस से जुड़े चुनावी दस्तावेज और महत्वपूर्ण डाटा जब्त करने की कोशिश की। महुआ ने कहा कि यह केवल जांच की कार्रवाई नहीं, बल्कि विपक्ष को डराने और दबाने की कोशिश है। उन्होंने सवाल किया कि ईडी का पूरा फोकस केवल विपक्षी दलों पर ही क्यों रहता है। महुआ ने कहा, “क्या ईडी का काम सिर्फ विपक्ष के पीछे पड़ना रह गया है? क्या सत्ता पक्ष के नेताओं पर कार्रवाई करने की हिम्मत किसी एजेंसी में नहीं है?”
महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ही एकमात्र ऐसी नेता हैं, जिनमें अपने दस्तावेजों और पार्टी की राजनीतिक रणनीति की खुलकर रक्षा करने की हिम्मत है। उन्होंने कहा कि अन्य विपक्षी नेताओं को भी ममता बनर्जी से सीख लेनी चाहिए कि किस तरह लोकतांत्रिक तरीके से केंद्र की कथित ज्यादतियों का विरोध किया जाए।
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि टीएमसी सांसद पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें हिरासत में लिया गया, जो लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। कीर्ति आजाद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के पास ममता बनर्जी के खिलाफ सीधे राजनीतिक मुकाबला करने की हिम्मत नहीं है, इसलिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की यह कोशिश ज्यादा दिन नहीं चलने वाली।
कीर्ति आजाद ने यह भी जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार दोपहर 2 बजे कोलकाता में केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के विरोध में एक बड़ा मार्च निकालेंगी। इस मार्च में पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे। टीएमसी का दावा है कि यह मार्च लोकतंत्र और संघीय ढांचे की रक्षा के लिए है।
टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया। उन्होंने कहा कि टीएमसी सांसद शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से विरोध कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। प्रतिमा मंडल ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि किस तरह विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद की हिरासत के बाद टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे साफ होता है कि केंद्र सरकार विपक्ष की बढ़ती एकजुटता से घबरा गई है। टीएमसी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई इसी तरह जारी रही, तो पार्टी देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। दिल्ली से लेकर कोलकाता तक विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे।