SpiceJet Crisis Deepens? दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर यात्री बेहाल; 30 घंटे देरी के बाद भी फ्लाइट्स प्रभावित

दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर SpiceJet की कई उड़ानें ऑपरेशनल दिक्कतों के चलते प्रभावित हुईं। कई फ्लाइट्स लेट हुईं और कुछ रद्द करनी पड़ीं। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 19 September 2026, 2:11 PM IST
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New Delhi: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर शनिवार को स्पाइसजेट की कई उड़ानें प्रभावित रहीं। एयरलाइन की कुछ फ्लाइट्स में घंटों की देरी हुई, जबकि कुछ उड़ानों को रद्द करना पड़ा। अचानक हुए इस व्यवधान के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

दिल्ली एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर यात्रियों से असुविधा के लिए माफी मांगी। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए ग्राउंड स्टाफ तैनात है और स्पाइसजेट के साथ मिलकर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

स्पाइसजेट ने नहीं बताया देरी की वजह

फिलहाल स्पाइसजेट की ओर से उड़ानों में देरी या रद्द होने के पीछे की स्पष्ट वजह नहीं बताई गई है। एयरलाइन ने यह जानकारी साझा नहीं की है कि ऑपरेशनल दिक्कत किस कारण से पैदा हुई।

हालांकि, पिछले कुछ दिनों में स्पाइसजेट की उड़ानों में देरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। 15 सितंबर को दिल्ली से दुबई जाने वाली दो उड़ानें काफी देर से रवाना हुई थीं। इनमें से एक फ्लाइट करीब 30 घंटे और दूसरी लगभग 19 घंटे की देरी से उड़ान भर सकी थी। देरी से नाराज करीब 200 यात्रियों ने एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन भी किया था।

वित्तीय संकट और संचालन को लेकर सरकार की नजर

स्पाइसजेट लंबे समय से वित्तीय दबाव और ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने 3 सितंबर को कहा था कि सरकार एयरलाइन के संचालन और वित्तीय स्थिति को लेकर कंपनी के संपर्क में है।

मंत्री ने बताया था कि स्पाइसजेट को उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया है और एयरलाइन ने जल्द सुधार का भरोसा दिया है। उन्होंने यह भी कहा था कि कंपनी ने सरकार से सीधे वित्तीय सहायता की मांग नहीं की है, लेकिन ECLGS (Emergency Credit Line Guarantee Scheme) के तहत फंड जुटाने की कोशिश कर रही है।

एयरलाइन सेक्टर पर बढ़ा वित्तीय दबाव

ECLGS योजना के तहत सरकार बैंकों से लिए जाने वाले कर्ज पर गारंटी देती है, जिससे कंपनियों को ऋण प्राप्त करने में मदद मिलती है। विमानन क्षेत्र में ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की बढ़ती कीमतें, एयरस्पेस प्रतिबंध, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी और सीमित विमान उपलब्धता जैसी वजहों से एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।

इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने मई में भारतीय एयरलाइंस के लिए ECLGS 5.0 योजना को मंजूरी दी थी।

Location :  New Delhi

Published :  19 September 2026, 2:11 PM IST

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