Republic Day 2026 पर दिखी भारत की अत्याधुनिक युद्ध क्षमता, आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति का दमदार प्रदर्शन

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ की परेड में भारत की नई सैन्य शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन देखने को मिला। पहली बार ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट सिस्टम और भैरव लाइट कमांडो बटालियन शामिल हुई।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 26 January 2026, 3:18 PM IST
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New Delhi: देश ने 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गौरव, अनुशासन और राष्ट्रीय गर्व के साथ मनाया। कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में भारत की सैन्य शक्ति, रणनीतिक तैयारी और तकनीकी आत्मनिर्भरता का ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने न केवल देशवासियों बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस वर्ष की परेड ऐतिहासिक रही, क्योंकि इसमें पहली बार यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’ और नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन ने भाग लिया।

‘सूर्यास्त्र’: भारत की डीप-स्ट्राइक क्षमता का नया प्रतीक

गणतंत्र दिवस परेड का सबसे बड़ा आकर्षण रहा अत्याधुनिक रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’। यह प्रणाली 300 किलोमीटर तक की दूरी से सतह-से-सतह मार करने में सक्षम है और सटीक निशाने की क्षमता से लैस है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ‘सूर्यास्त्र’ भारतीय सेना को किसी भी संभावित खतरे का त्वरित और प्रभावी जवाब देने में सक्षम बनाएगा। स्वदेशी तकनीक से विकसित यह प्रणाली ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की मजबूत मिसाल है।

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भैरव लाइट कमांडो बटालियन की ऐतिहासिक एंट्री

अक्टूबर 2025 में गठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन ने पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेकर इतिहास रच दिया। यह बटालियन विशेष रूप से दुर्गम, पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में तेज और सटीक कार्रवाई के लिए तैयार की गई है। पैदल सेना और विशेष बलों के बीच की रणनीतिक दूरी को कम करने वाली यह यूनिट भविष्य की युद्ध रणनीतियों में अहम भूमिका निभाने वाली मानी जा रही है।

आधुनिक हथियारों की शक्ति से सजा कर्तव्य पथ

परेड में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, एमआरएसएएम, एटीएजीएस, धनुष तोप और शक्तिबान रेजिमेंट जैसी अत्याधुनिक सैन्य प्रणालियों का भी प्रदर्शन किया गया। शक्तिबान रेजिमेंट ने ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और लोइटर मुनिशन के साथ पहली बार परेड में भाग लेकर आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को दर्शाया।

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6,000 जवान, अंतरराष्ट्रीय मेहमान और ऐतिहासिक झलक

परेड में करीब 6,000 रक्षाकर्मी शामिल हुए। परेड का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने किया। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि रहे। परेड का विषय ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रखा गया। चार जांस्कर टट्टू, बैक्ट्रियन ऊंट, प्रशिक्षित चील, सेना के डॉग स्क्वॉड और भारी थर्मल गियर में मिक्स स्काउट्स टुकड़ी ने परेड को और भी खास बना दिया।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 26 January 2026, 3:18 PM IST

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