घाटी में बड़ी तबाही की साजिश नाकाम: राजोरी में लश्कर के OGW नेटवर्क का भंडाफोड़, IED के साथ 3 मददगार गिरफ्तार

राजोरी पुलिस ने लश्कर-ए-ताइबा के OGW नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन मददगारों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से IED बरामद हुई है। ये आतंकी समूहों को रसद, गाइड और कश्मीर घाटी तक सुरक्षित रास्ता मुहैया कराने का काम करते थे।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 15 September 2026, 8:13 AM IST
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Jammu: जम्मू-कश्मीर के पीर पंजाल क्षेत्र में सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजोरी पुलिस ने सोमवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा (LeT) से जुड़े ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

पुलिस ने इलाके में सक्रिय आतंकियों को जमीनी मदद पहुंचाने वाले तीन प्रमुख सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियों की इस सतर्कता से घाटी में किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश समय रहते नाकाम हो गई है।

कोटचरवाल और उधन गांव से दबोचे गए आरोपी

पुलिस की ओर से की गई छापेमारी में पकड़े गए आरोपियों की पहचान जाकिर हुसैन और मोहम्मद आजम (दोनों निवासी कोटचरवाल, टेरयाथ) और मोहम्मद मुश्ताक (निवासी उधन गांव) के रूप में हुई है। प्राथमिक जांच और आरोपियों से हुई शुरुआती पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये तीनों आरोपी लंबे समय से पीर पंजाल के दुर्गम इलाकों में लश्कर के आतंकियों को गुप्त रूप से मदद पहुंचा रहे थे।

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गाइड बनकर आतंकियों को पहुंचाते थे कश्मीर घाटी

पकड़े गए तीनों मददगार आतंकियों के लिए 'गाइड' का काम करते थे। ये राजोरी के सीमावर्ती इलाकों से लश्कर के आतंकी दस्तों को सुरक्षा बलों की नजरों से बचाते हुए सुरक्षित रास्ते से कश्मीर घाटी की ओर ले जाते थे। इसके अलावा, आतंकियों के रुकने के लिए सेफ हाउस (छिपने के ठिकाने) तैयार करना, उनके खाने-पीने और रसद सामग्री का इंतजाम करना और उनकी आवाजाही की योजना बनाना भी इन्हीं आरोपियों की जिम्मेदारी थी।

टारगेट किलिंग में संलिप्तता और आईईडी की बरामदगी

जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने अतीत में नागरिकों को निशाना बनाकर की गई कई 'टारगेट किलिंग' की घटनाओं में भी आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की थी। गिरफ्तारी के बाद एक आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने एक शक्तिशाली आईईडी (Improvised Explosive Device) भी बरामद की है। यह आईईडी सीमा पार बैठे लश्कर के आकाओं द्वारा किसी बड़े लक्षित हमले को अंजाम देने के लिए भेजी गई थी, जिसे इन मददगारों ने छिपाकर रखा था।

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नेटवर्क के अन्य संपर्कों की खंगाल रही पुलिस

राजोरी पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के फोन रिकॉर्ड्स और डिजिटल इनपुट्स के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि इनके संपर्क में स्थानीय स्तर पर और कौन-कौन से लोग शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों के इस तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए अभियान जारी रहेगा और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।

Location :  Jammu

Published :  15 September 2026, 8:13 AM IST

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