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रहस्यमयी कुलधारा गांव फोटो सोर्स-डाइनामाइट न्यूज
New Delhi: यह किसी फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि राजस्थान के जैसलमेर में मौजूद रहस्यमयी कुलधारा गांव की सच्चाई है। एक ऐसा गांव, जो कभी खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक था, लेकिन एक रात में पूरी तरह वीरान हो गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां के लोग बिना किसी शोर-शराबे या संघर्ष के अपना घर-बार छोड़कर चले गए और फिर कभी लौटकर नहीं आए।
जैसलमेर से लगभग 18 किलोमीटर दूर स्थित कुलधारा गांव को साल 1291 में पालीवाल ब्राह्मणों ने बसाया था। अपनी बुद्धिमत्ता और मेहनत के दम पर उन्होंने रेगिस्तान जैसी कठिन जमीन पर भी खेती को सफल बनाया। उस दौर में कुलधारा एक संपन्न और खूबसूरत बस्ती मानी जाती थी, जिसकी हवेलियां और बसावट दूर-दूर तक प्रसिद्ध थीं।
लेकिन इस समृद्ध गांव की किस्मत तब बदली, जब जैसलमेर के दीवान सलीम सिंह की नजर गांव के मुखिया की बेटी पर पड़ी। लोककथाओं के अनुसार, वह लड़की से शादी करना चाहता था और इसके लिए उसने गांव वालों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। साथ ही, इंकार करने पर भारी कर और हमले की धमकी भी दी गई।
अपनी इज्जत, धर्म और बेटी की रक्षा के लिए कुलधारा के लोगों ने एक बड़ा और कठिन फैसला लिया। कहा जाता है कि कुलधारा समेत आसपास के 83 गांवों के लोगों ने एकजुट होकर अपनी जमीन छोड़ने का निर्णय किया। वर्ष 1825 की एक रात, हजारों लोग सब कुछ पीछे छोड़कर हमेशा के लिए वहां से चले गए। मान्यता है कि जाते समय उन्होंने इस जगह को श्राप दिया कि यहां दोबारा कोई कभी बस नहीं पाएगा। शायद यही वजह है कि सदियों बीत जाने के बाद भी कुलधारा आज तक वीरान पड़ा है।
आज यह गांव राजस्थान सरकार के पुरातत्व विभाग की देखरेख में एक ऐतिहासिक स्मारक के रूप में सुरक्षित है। दिन में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक इसकी रहस्यमयी कहानी और खंडहरों को देखने आते हैं, लेकिन रात में रुकने की अनुमति नहीं है। जैसलमेर से टैक्सी के जरिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।
कुलधारा आज भी अपने टूटे मकानों, सुनसान गलियों और अनकहे रहस्यों के कारण लोगों को आकर्षित करता है- जहां दिन में इतिहास की झलक मिलती है, वहीं रात के अंधेरे में सिर्फ सन्नाटा और रहस्य महसूस होता है।
Location : New Delhi
Published : 27 May 2026, 3:32 PM IST