नए लेबर कोड में वेतन और ओवरटाइम नियमों में बड़ा बदलाव

केंद्र सरकार ने चारों नए लेबर कोड के अंतिम नियम अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियमों के तहत नियुक्ति पत्र, ओवरटाइम भुगतान, 40 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों की हेल्थ जांच और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम बदलाव लागू किए जाएंगे।

Updated : 11 May 2026, 8:04 AM IST
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New Delhi: केंद्र सरकार ने देश के चारों नए श्रम कानूनों (लेबर कोड) के अंतिम नियम अधिसूचित कर दिए हैं। इसके साथ ही नियुक्ति पत्र, ओवरटाइम, स्वास्थ्य जांच, मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम बदलाव लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने पिछले दिनों औद्योगिक संबंध संहिता 2020, मजदूरी संहिता 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 के तहत अंतिम नियम जारी किए।

इन श्रम संहिताओं को संसद ने लगभग छह साल पहले पारित किया था, लेकिन नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अब पूरी हुई है। सरकार ने दिसंबर 2025 में इन नियमों का मसौदा जारी कर उद्योगों, श्रमिक संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे थे। फरवरी 2026 तक परामर्श की प्रक्रिया चली, जिसके बाद सुझावों पर विचार करते हुए अंतिम नियम अधिसूचित किए गए।

नियुक्ति पत्र और स्वास्थ्य जांच अनिवार्य

अंतिम नियमों में कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। अब कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए हर साल स्वास्थ्य जांच कराने का प्रावधान भी किया गया है। ओवरटाइम से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट किया गया है, ताकि अतिरिक्त काम के बदले मिलने वाले भुगतान को लेकर भ्रम की स्थिति न रहे।

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सरकार ने श्रमिकों के पुनः कौशल विकास (री-स्किलिंग) के लिए फंड में योगदान का भी प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य नौकरी बदलने या तकनीकी बदलाव के कारण प्रभावित कर्मचारियों को नए कौशल सिखाना है।

न्यूनतम मजदूरी के मानदंडों में बदलाव

दिसंबर 2025 के मसौदा नियमों में न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए कई मानदंड तय किए गए थे। इनमें श्रमिक परिवार की कैलोरी जरूरत, कपड़े, मकान किराया, ईंधन खर्च, शिक्षा और इलाज जैसी आवश्यकताओं को शामिल किया गया था। हालांकि अंतिम अधिसूचित नियमों में इन प्रावधानों को हटा दिया गया है।

सरकार ने कहा है कि इन मानकों को भविष्य में “विशेष या सामान्य आदेश” के जरिए अलग से तय किया जाएगा। इससे केंद्र सरकार को मजदूरी तय करने में अधिक अधिकार मिलेंगे।

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मजदूरी संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता और ओश संहिता के केंद्रीय नियम मुख्य रूप से उन संस्थानों पर लागू होंगे जहां केंद्र सरकार “उपयुक्त सरकार” है। इनमें दूरसंचार, बैंकिंग, बीमा, खदान, तेल क्षेत्र, बंदरगाह, हवाई परिवहन और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम शामिल हैं।

Location :  New Delhi

Published :  11 May 2026, 8:04 AM IST

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