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केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 को लेकर बड़ा ऐलान किया है। इस बार देश में पहली बार जनगणना के साथ जातीय गणना भी कराई जाएगी। पूरी प्रक्रिया दो चरणों में होगी, जिसमें पहाड़ी राज्यों से शुरुआत होगी। सरकार के इस फैसले को सामाजिक और राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
2027 तक पूरी होगी जनगणना (Image Source: Internet)
New Delhi: देश में लंबे इंतजार के बाद जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब 2027 तक पूरे देश में जनगणना पूरी कर ली जाएगी और इस बार इसके साथ जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। यह फैसला सामाजिक और राजनीतिक दोनों ही लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार के मुताबिक, इस बार जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी। इसकी आधिकारिक अधिसूचना 16 जून 2025 को जारी की जाएगी, जिसके बाद तैयारियां शुरू हो जाएंगी। पहले चरण में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में जनगणना कराई जाएगी। इन राज्यों में यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। दूसरे चरण में देश के बाकी हिस्सों में जनगणना कराई जाएगी, जो 1 मार्च 2027 तक पूरी होगी। इस तरह करीब दो साल से कम समय में पूरे देश की जनगणना और जातीय गणना संपन्न कर ली जाएगी।
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जातीय गणना भी शामिल की गई है। यानी अब लोगों से उनकी जाति से जुड़ा सवाल भी पूछा जाएगा।
हाल ही में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुष्टि की थी कि कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे पहले 2011 में सामाजिक-आर्थिक और जातिगत सर्वेक्षण किया गया था, लेकिन उसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए थे। आजादी के बाद यह पहला मौका होगा जब आधिकारिक तौर पर देशभर में जातीय जनगणना कराई जाएगी।
दरअसल, जनगणना हर 10 साल में होती है और अगली जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते इसे टाल दिया गया था। अब सरकार ने इसे नए सिरे से शुरू करने का फैसला लिया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, जनसंख्या जनगणना-2027 की तारीख 1 मार्च 2027 तय की गई है, जबकि बर्फीले और दुर्गम इलाकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है।
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सरकार का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य देश की सटीक जनसंख्या, सामाजिक संरचना और संसाधनों के बेहतर वितरण के लिए आंकड़े जुटाना है। अब इस फैसले के बाद देशभर में जनगणना को लेकर तैयारियां तेज होने की उम्मीद है।