LPG संकट के बीच बड़ा सवाल: क्या आपको मिलेगा 5 किलो ‘छोटू सिलेंडर’ या रह जाएंगे खाली हाथ?

देश में गैस संकट के बीच 5 किलो छोटू सिलिंडर लोगों के लिए राहत बनकर सामने आया है, लेकिन इसे पाने के नियम इतने आसान नहीं हैं। कई लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं, पर क्या हर किसी को यह सिलिंडर मिलेगा? किन शर्तों के कारण आप इससे वंचित रह सकते हैं और क्यों यह योजना चर्चा में है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 12 April 2026, 9:18 AM IST
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New Delhi: मध्य पूर्व में जारी तनाव और युद्ध के चलते देश में घरेलू एलपीजी (LPG) की सप्लाई पर असर पड़ने लगा है। इसका सीधा प्रभाव आम जनता की रसोई पर दिखाई दे रहा है, जहां गैस सिलिंडर की कमी और डिलीवरी में देरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे हालात में सरकार और गैस एजेंसियां मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटी हैं।

इसी कड़ी में 5 किलो वाला ‘छोटू सिलिंडर’ चर्चा में आ गया है, जिसे खास तौर पर उन लोगों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है जो अस्थायी रूप से शहरों में रह रहे हैं। Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी कंपनियां इस सुविधा को आगे बढ़ा रही हैं।

किसे मिलेगा छोटू सिलेंडर?

हालांकि, इस छोटू सिलिंडर को लेकर कुछ सख्त नियम भी बनाए गए हैं, ताकि इसका लाभ सिर्फ जरूरतमंदों तक ही पहुंचे। सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि जिन लोगों के नाम पर पहले से 14.2 किलो वाला घरेलू गैस कनेक्शन है, उन्हें यह छोटा सिलिंडर नहीं दिया जाएगा। यानी यह विकल्प उन्हीं के लिए है जिनके पास नियमित गैस कनेक्शन नहीं है।

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इसके अलावा, शहर में स्थायी रूप से रहने वाले लोगों को भी यह सुविधा नहीं दी जा रही है। गैस एजेंसियां उन्हें सामान्य घरेलू सिलिंडर लेने की सलाह दे रही हैं। वहीं, जिन लोगों के पास कोई वैध पहचान पत्र नहीं है, वे भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे।

प्रक्रिया काफी आसान

छोटू सिलिंडर लेने के लिए प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान रखी गई है। उपभोक्ता को सिर्फ एक वैध पहचान पत्र देना होता है। यह सुविधा मुख्य रूप से प्रवासी मजदूरों, छात्रों और किराए पर रहने वाले लोगों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है।

अगर खर्च की बात करें तो पहली बार इस सिलिंडर को लेने के लिए 1,450 रुपये से 1,700 रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है। इस राशि में सिलिंडर, रेगुलेटर और पहली बार की गैस भराई शामिल होती है। अलग-अलग कंपनियों के अनुसार कीमतों में थोड़ा अंतर संभव है।

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गैस एजेंसियों द्वारा प्राथमिकता भी तय की गई है। जिन लोगों के पहचान पत्र में गांव का पता दर्ज है, उन्हें पहले यह सिलिंडर दिया जा रहा है। इसे इस बात का प्रमाण माना जा रहा है कि व्यक्ति शहर में अस्थायी रूप से रह रहा है और वास्तव में जरूरतमंद है।

Location :  New Delhi

Published :  12 April 2026, 9:18 AM IST

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