Karnataka CM: कर्नाटक सत्ता संकट पर ‘ब्रेकफ़ास्ट ब्रेक’! सिद्धारमैया-शिवकुमार की अहम मुलाकात से हल होगा नेतृत्व विवाद?

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार शनिवार को ‘कावेरी’ आवास पर ब्रेकफ़ास्ट मीटिंग करेंगे। कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर होने वाली इस मुलाकात को सत्ता संघर्ष समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 29 November 2025, 8:52 AM IST
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New Delhi: कर्नाटक में पिछले कई हफ्तों से चल रहा सत्ता संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच शनिवार सुबह 9:30 बजे मुख्यमंत्री आवास ‘कावेरी’ में होने वाली ब्रेकफ़ास्ट मीटिंग पर सबकी नजर है। कांग्रेस हाईकमान ने दोनों नेताओं को एक साथ बैठकर समाधान निकालने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

हाईकमान जो तय करेगा, वही अंतिम

दरअसल, शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया पर साफ कहा कि वह हाईकमान के हर निर्णय का सम्मान करेंगे। उनके शब्दों में, “मैंने पहले भी कहा है और आज भी कहता हूं-पार्टी के वरिष्ठ जो कहेंगे, मैं वही करूंगा। कल की बैठक हाईकमान के निर्देश पर ही हो रही है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि हाईकमान उन्हें दिल्ली बुलाता है, तो वह बिना किसी हिचक के जाएंगे।

 शिवकुमार खेमे की बढ़ती मांगें

उधर, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उनके समर्थक लगातार 2023 चुनाव के बाद किए गए कथित वादे, "ढाई साल बाद सीएम पद" को लागू करने की मांग उठा रहे हैं। उनका दावा है कि पार्टी हाईकमान ने चुनाव जीत के बाद उन्हें भविष्य में मुख्यमंत्री बनाने का आश्वासन दिया थाबीते दिनों कई शिवकुमार समर्थक विधायक दिल्ली पहुंचकर इस मांग को हाईकमान के सामने रख चुके हैं। इससे कांग्रेस इकाई में तनाव और गहरा गया है।

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डील नहीं, समर्पण है”

सिद्धारमैया खेमे का दावा है कि कोई भी रोटेशनल समझौता नहीं हुआ था, न ही सीएम पद साझा करने की कोई आधिकारिक घोषणा की गई थी। उनके समर्थक कहते हैं कि राज्य की जनता ने 5 साल के लिए सिद्धारमैया को जनादेश दिया है और वह कार्यकाल पूरा करेंगे।

हाल ही में हुए एक सरकारी कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने मंच साझा कर ‘एकता का संदेश’ देने की कोशिश भी की। लेकिन उसी दौरान शिवकुमार द्वारा सोनिया गांधी के 2004 के ‘त्याग’ की प्रशंसा के बहाने सिद्धारमैया पर अप्रत्यक्ष कटाक्ष करने से सियासी सरगर्मी फिर बढ़ गई।

हाईकमान कर रहा है गहन आकलन

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के राजनीतिक और सामाजिक प्रभावों का सावधानीपूर्वक आकलन कर रहा है। जिसमें  सिद्धारमैया को SC-ST, OBC और मुस्लिम वोट बैंक में मजबूत पकड़, शिवकुमार की संगठन क्षमता और चुनाव मैनेजमेंट में महारत शामिल हैं। यह संतुलन कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर 2025 और 2026 के चुनावी मौसम को देखते हुए।

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टपार्टी के भीतर विरोधाभासी बयान

कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने खुले मंच से कहा कि अगर हाईकमान चाहे तो शिवकुमार मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इसके तुरंत बाद सिद्धारमैया खेमे के ज़मीर अहमद खान ने इसका विरोध करते हुए कहा कि “नेतृत्व परिवर्तन जैसी कोई बात नहीं है।” इसी बीच सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र ने भी बयान दिया कि बदलाव को लेकर मीडिया भ्रम फैला रहा है और पार्टी स्तर पर ऐसी कोई चर्चा नहीं चल रही।

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Published : 
  • 29 November 2025, 8:52 AM IST