घंटों का सफर अब मिनटों में, जोजिला टनल का ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू, पढ़ें इसकी खासियत

राष्ट्रीय सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भारत ने आज इतिहास रच दिया है। श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर बन रही करीब 14 किलोमीटर लंबी 'जोजिला सुरंग' के दोनों सिरों को मंगलवार को आपस में जोड़ दिया गया। 11,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह सुरंग अब लद्दाख को पूरे साल देश से जोड़े रखेगी।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 9 June 2026, 4:06 PM IST
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Jammu/New Delhi : भारत के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और स्ट्रेटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से आज का दिन सुनहरे लफ्जों में दर्ज हो गया है। देश की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल जोजिला सुरंग ने मंगलवार को नया इतिहास रच दिया। जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुरंग के दोनों सिरों को आपस में जोड़ दिया गया। करीब 14 किलोमीटर लंबी यह सुरंग भविष्य में एशिया की सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब दो-तरफा सड़क सुरंगों में शामिल होगी।

सालभर बना रहेगा संपर्क

11,500 फीट से अधिक ऊंचाई वाले जोजिला दर्रे पर हर साल भारी बर्फबारी होती है। इसके चलते सर्दियों में श्रीनगर और लद्दाख के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हो जाता है। सुरंग के निर्माण के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी और दोनों क्षेत्रों के बीच पूरे साल आवागमन संभव हो सकेगा।

यह परियोजना बालटाल क्षेत्र को द्रास के मीनामर्ग से जोड़ेगी। इसके साथ ही पहले से संचालित जेड-मोड़ सुरंग और जोजिला सुरंग मिलकर लद्दाख के लिए एक मजबूत और सुरक्षित सड़क नेटवर्क तैयार करेंगी।

सेना और आम लोगों को मिलेगा लाभ

सुरंग का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लद्दाख तक जरूरी सामान और संसाधनों की आपूर्ति मौसम की मार से प्रभावित नहीं होगी। साथ ही सेना को भी सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। स्थानीय लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए भी यह परियोजना राहत लेकर आएगी।

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क्या है जोजिला की खासियत?

वर्तमान में जोजिला दर्रे को पार करने में कई घंटे लग जाते हैं। सुरंग पूरी होने के बाद यह समय घटकर लगभग 15 मिनट रह जाएगा। इससे यात्रा न केवल आसान होगी, बल्कि ईंधन और समय दोनों की बचत होगी। फरवरी 2028 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होते ही लद्दाख की सड़क कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय शुरू होगा।

अब मौसम नहीं बनेगा घूमने में बाधा

अब तक सोनमर्ग की खूबसूरती का मजा गर्मियों में ही लिया जा सकता था। सर्दियों में भारी बर्फबारी के चलते यह इलाका लगभग दुनिया से कट जाता था, लेकिन सुरंग के चालू होने के बाद ट्रेवल्स साल के बारहों महीने सोनमर्ग और थाजीवास ग्लेशियर की खूबसूरती का दीदार कर सकेंगे।

पहाड़ के अंदर से गुजरेगा सफर

जोजिला सुरंग का सफर यात्रियों के लिए किसी शानदार एक्सपीरिएंस से कम नहीं होगा। बर्फीले पहाड़ों के नीचे से गुजरते हुए लोग कुछ ही मिनटों में उस दूरी को तय कर सकेंगे, जिसे पार करने में पहले घंटों लग जाते थे। खराब मौसम और खतरनाक मोड़ों की चिंता भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

Location :  Jammu/New Delhi

Published :  9 June 2026, 4:05 PM IST

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